नोबल पुरस्कार के लिए नामित हुए HBTU Kanpur के एल्युमिनाई, ऊर्जा क्षेत्र में किया है बेहतर काम

 


हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी की खबर से संबंधित प्रतीकात्मक फोटो।

 डा. कुरैशी मौजूदा समय में यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट आफ एग्रीकल्चर में सीनियर रिसर्च केमिकल इंजीनियर हैं। वह यूनिवर्सिटी आफ इलिनोइस में सहायक प्रोफेसर हैं। उन्होंने एचबीटीयू में 1980 में बायोकेमिकल इंजीनियरिंग से बीटेक किया है।

कानपुर। हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी के पुरातन छात्र डा. नसीब कुरैशी नोबल पुरस्कार के लिए नामित हुए हैं। उन्हें ऊर्जा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए चयनित किया गया है। एल्युमिनाई की कामयाबी पर कुलपति प्रो. शमशेर, रजिस्ट्रार प्रो. नीरज सिंह समेत अन्य स्टाफ ने खुशी जताई है। डा. कुरैशी मौजूदा समय में यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट आफ एग्रीकल्चर में सीनियर रिसर्च केमिकल इंजीनियर हैं। वह यूनिवर्सिटी आफ इलिनोइस में सहायक प्रोफेसर हैं। उन्होंने एचबीटीयू में 1980 में बायोकेमिकल इंजीनियरिंग से बीटेक किया है। वह अमेरिकन इंस्टीट्यूट आफ केमिकल इंजीनियर्स, सोसाइटी फार इंडस्ट्रियल माइक्रोबायोलाजी एंड बायोटेक्नोलाजी, अमेरिकन इंस्टीट्यूट आफ केमिस्ट्स में फेलो हैं। उन्हें अमेरिकन इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल एंड बायोलाजिकल इंजीनियरिंग में फेलो के लिए नामांकित किया था। वह रासायनिक व जैविक इंजीनियर के साथ ही ब्यूटेनाल किण्वन, पुनर्प्राप्ति और प्रक्रिया अर्थशास्त्र के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने 310 से अधिक आधिकारिक पत्र, पुस्तक अध्याय, समीक्षा लेख, पेटेंट, किताबें, सम्मेलन प्रस्तुतियों को प्रकाशित किया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी रिपोर्ट तैयार की है और रासायनिक इंजीनियरिंग, जैव रासायनिक इंजीनियरिंग से संबंधित क्षेत्रों में 10 तकनीकी रिपोर्ट बना चुके हैं। औद्योगिक और अनुप्रयुक्त सूक्ष्म जीव विज्ञान, माइक्रोबियल आनुवंशिकी, जैव ईंधन उत्पादन, प्रक्रिया डिजाइन और अर्थशास्त्र, बायोरिएक्टर डिजाइन और स्केल-अप, सेल स्थिरीकरण, सेल रीसायकल झिल्ली रिएक्टर, उत्पाद वसूली और शुद्धिकरण से संबंधित क्षेत्रों में उनकी विशेषज्ञता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है। इथेनाल और दो,तीन-ब्यूटेनडियोल के उत्पादन के लिए नई प्रक्रियाएं भी विकसित की।