oxygen' पर सियासत: भाजपा ने पूछा- दिल्ली व महाराष्ट्र ने क्यों कहा, ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं हुई

 


कोरोना की दूसरी लहर में बड़ा मुद्दा बनी आक्सीजन फिर से राजनीति का केंद्र बन गई है।

कोरोना की दूसरी लहर में बड़ा मुद्दा बनी आक्सीजन फिर से राजनीति का केंद्र बन गई है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि दिल्ली और महाराष्ट्र की सरकारों ने संबंधित हाई कोर्टो में दिए हलफनामे में कहा है कि आक्सीजन की कमी के कारण एक भी मौत नहीं हुई।

 नई दिल्ली,  ब्यूरो। कोरोना की दूसरी लहर में बड़ा मुद्दा बनी आक्सीजन फिर से राजनीति का केंद्र बन गई है। विपक्षी दलों की ओर से केंद्र के उस जवाब को मुद्दा बनाया जा रहा है जिसमें उसने कहा है कि किसी भी राज्य ने आक्सीजन की कमी से मौत होने की सूचना नहीं दी है। जवाब में भाजपा ने भी राज्य सरकारों के रिकार्ड और हाई कोर्ट में उनके बयानों को तथ्य के रूप में रखकर लड़ाई को तीखा बना दिया है।

दोनों राज्यों के हाईकोर्ट में दिए हलफनामे का दिया हवाला

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि दिल्ली और महाराष्ट्र की सरकारों ने संबंधित हाई कोर्टो में दिए हलफनामे में कहा है कि आक्सीजन की कमी के कारण एक भी मौत नहीं हुई। भाजपा उपाध्यक्ष और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने राहुल गांधी को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि वह अपने मुख्यमंत्री से क्यों नहीं पूछते कि वहां कितनी मौतें आक्सीजन की कमी से हुईं।

राज्‍यों ने ऑक्‍सीजन की कमी से मौत की कोई जानकारी नहीं दी

पात्रा ने मंगलवार को राज्यसभा में दिए गए केंद्र सरकार के बयान को सही बताते हुए कहा कि स्वास्थ्य राज्य का विषय है और केंद्र सरकार अपने स्तर पर कोई रिकार्ड तैयार नहीं करती। राज्यों की ओर से रिकार्ड भेजे जाते हैं और केंद्र उनका संकलन करता है। केंद्र की ओर से यही कहा गया कि किसी भी राज्य ने अब तक केंद्र को नहीं बताया कि उनके यहां कोई भी मौत आक्सीजन की कमी से हुई थी। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, महाराष्ट्र सरकार और राहुल गांधी से उन्होंने सीधा सवाल किया कि उन्होंने कोई जानकारी क्यों नहीं दी।

राहुल छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से क्यों नहीं पूछते : रमन सिंह

दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर दिल्ली स्थित जयपुर गोल्डन अस्पताल में 21 मरीजों की आक्सीजन की कमी के कारण हुई मौतों की जांच रिपोर्ट में खुद दिल्ली सरकार ने कहा कि आक्सीजन की कमी से मौतें नहीं हुईं। महाराष्ट्र सरकार ने भी बांबे हाई कोर्ट में इसी तरह का दावा किया था। जबकि रमन सिंह ने राहुल गांधी से कहा, राहुल जी यह दोगलापन और दोमुंहापन क्यों है? छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पताल में सात बच्चों की मौत हुई और परिवार के लोग कह रहे हैं कि आक्सीजन समय पर नहीं मिली। वहां कांग्रेस की सरकार है इसलिए मुख्यमंत्री से जवाब नहीं मांग रहे हैं।

राजनीति से बाज नहीं आ रहे विपक्षी दल

पात्रा ने कहा कि विपक्षी दल इस संवेदनशील मुद्दे पर भी राजनीति से बाज नहीं आ रहे हैं। अगर केंद्र दखल देना शुरू करे तो आरोप लगाते हैं कि उनके अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप हो रहा है। मौत के आंकड़े राज्य भेज रहे हैं, लेकिन सवाल केंद्र से पूछा जा रहा है। केंद्र की ओर से मदद देने के बावजूद दिल्ली सरकार आक्सीजन की आपूर्ति में चूकी। यह तथ्य है कि उस समय अस्पतालों की ओर से दिल्ली सरकार को काल किए जा रहे थे, लेकिन वह समय से आक्सीजन नहीं पहुंचा पा रही थी।बता दें कि स्वास्थ्य राज्यमंत्री भारती प्रवीण पवार ने मंगलवार को राज्यसभा में स्पष्ट कहा था कि किसी भी प्रदेश ने केंद्र को यह नहीं बताया कि किसी की मौत आक्सीजन की कमी से हुई है।