खुफिया एजेंसियों का खुलासा-PoK में आतंकियों को दी जा रही रॉकेट लांचर-ड्रोन की ट्रेनिंग

 


खुफिया एजेंसियों के इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियों, सेना को अलर्ट कर दिया गया है।

 जम्मू एयरफोर्स स्टेशन हमले और खुफिया एजेंसियों के अलर्ट के बाद सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने इस नई आसमानी चुनौती से निपटने के लिए पहले ही एयर डिफेंस कमांड की स्थापना की घोषणा कर दी है। इस पर काम भी शुरू हो कर दिया गया है।

जम्मू। पाकिस्तानी सेना ने जम्मू-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर भले अपनी बंदूके शांत रखी है परंतु आतंकवादी गतिविधियों को उसने बंद नहीं किया है। खुफिया एजेंसियों ने भारतीय सेना बड़े खतरे से आगाह करते हुए यह जानकारी दी है कि पाकिस्तानी सेना की मदद से गुलाम कश्मीर मेंं आतंकवादियों को ऑटोमेटिक हथियारों की ट्रेनिंग दी जा रही है। आइएसआइ और पाकिस्तानी सेना की मदद से गुलाम कश्मीर में विभिन्न आतंकवादी संगठनों में शामिल आतंकवादियों को रॉकेट लॉचर और ड्रोन की मदद से हमला करने की ट्रेनिंग देने के लिए 25 से अधिक ट्रेनिंग कैंप चल रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद घाटी में आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षाबलों ने अपनी कार्रवाई तेज की है। कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियां ही नहीं बल्कि राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में भी कमी आई है। सामान्य होते हालात के बीच कश्मीर में स्थापित शांतिपूर्ण माहौल पाकिस्तान को खल रहा है। यही वजह है कि पाकिस्तानी सेना ने कश्मीर में सक्रिय सभी आतंकवादी संगठनों को आधुनिक हथियारों की ट्रेनिंग के साथ-साथ ड्रोन हमलों की ट्रेनिंग भी देना शुरू की है ताकि कश्मीर में एक बार फिर से आतंकवाद की जड़ों को मजबूत किया जा सके।

सूत्रों ने बताया है कि पिछले एक माह केे भीतर गुलाम कश्मीर में सक्रिय विभिन्न आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा, अलबदर, जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिदीन के सरगनों ने इस मसले पर कई बैठकें की। जिसके बाद इन ट्रेनिंग कैंप को शुरू करने का निर्णय लिया गया। नियंत्रण रेखा से सटे गुलाम कश्मीर के विभिन्न इलाकों में यह कैंप जोरशोर से चल रहे हैं। पहले से शामिल आतंकियों के अलावा इन ट्रेनिंग कैंप में नई भर्तियां भी की जा रही हैं।

आपको जानकारी हो कि गत माह आतंकवादियों ने जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर रात के अंधेरे में ड्रोन हमला किया था। ड्रोन की मदद से जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर आतंकवादियों ने हमला धमाका रात 1.37 बजे जबकि दूसरा ठीक उसके पांच मिनट बाद 1.42 बजे किया। इस हमले ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद हराम कर दी है। खुफिया एजेंसियों का कहना है कि आतंकवादियों का यह हमला इसी ट्रेनिंग का परिणाम है। पाकिस्तानी सेना की मदद से ही आतंकवादियों ने इस हमले को अंजाम दिया। हालांकि जम्मू-कश्मीर पुलिस, एनआइए और अन्य जांच एजेंसियां इस संबंध में पुख्ता सबूत जुटा रही हैं। जल्द ही इसे साबित भी कर दिया जाएगा।इसी जांच के दौरान खुफिया एजेंसियों ने पाया कि सीजफायर की आड़ में पाकिस्तानी सेना व आइएसआइ गुलाम कश्मीर में आतंकवादियों को आधुनिक हथियारों व ड्रोन हमलों की ट्रेनिंग दे रही है। खुफिया एजेंसियों के इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियों, सेना को अलर्ट कर दिया गया है।

एजेंसियों ने यह भी बताया है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकी संगठनों की मदद कर रहे ओवर ग्राउंड वर्करों को भी भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने की हिदायत दी गई है। पढ़े-लिखे युवाओं की भर्ती पर अधिक जोर दिया जा रहा है। दरअसल इन ट्रेनिंग कैंप में आतंकवादियों को आटोमेटिक हथियार चलाने के साथ-साथ साइबर अटैक की भी ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि जान-माल के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी किया जा सके।आपको बता दें कि पाकिस्तान ने पहले ही भारत सरकार के खिलाफ इंटरनेट मीडिया पर एक अलग ही तरह की जंग छेड़ रखी है, सोशल मीडिया पर फैक वीडियो, तस्वीरों को अपलोड कर कश्मीर में शांति स्थापित करने के लिए आतंकवाद से लड़ रही सेना, पुलिस व सीआरपीएफ की छवि को खराब किया जा रहा है। परंतु सतर्क भारतीय जवान पाकिस्तान की हर साजिश को नाकाम बना रहे हैं।

वहीं जम्मू एयरफोर्स स्टेशन हमले और खुफिया एजेंसियों के अलर्ट के बाद सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने इस नई आसमानी चुनौती से निपटने के लिए पहले ही एयर डिफेंस कमांड की स्थापना की घोषणा कर दी है। इस पर काम भी शुरू हो कर दिया गया है। भविष्य में आतंकवादियों के इस तरह के हमले रोकने के लिए भारतीय सेना मैरिटाइम कमांड और एयर डिफेंस कमांड बनाने जा रहा है।