कारोबारी की कोठी पर लूटपाट के दौरान विरोध करने पर कर दी गई थी घरेलू सहायिका की हत्या, लूट की रकम के 18. 65 लाख रुपये बरामद



फरार दूसरे इलेक्ट्रीशियन की तलाश में एक टीम पश्चिम बंगाल के कोलकाता गई है।

मध्य जिला के स्पेशल स्टाफ की टीम ने बिहार के मुजफ्फरपुर पहुंचकर आरोपित एक इलेक्ट्रीशियन को गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास लूट की रकम के 18.65 लाख रुपये बरामद कर लिए गए हैं। फरार दूसरे इलेक्ट्रीशियन की तलाश में एक टीम पश्चिम बंगाल के कोलकाता गई है।

नई दिल्ली, संवाददाता। बिजली उपकरणों के पूर्वी पटेल नगर में रहने वाले कारोबारी की कोठी से दो इलेक्ट्रीशियन करीब डेढ़ करोड़ से अधिक नगदी व जेवरात लूटकर ले गए थे। सबसे अधिक नगदी थे। लूटपाट का विरोध करने पर इलेक्ट्रीशियनों ने घरेलू सहायिका के सिर पर भारी वस्तु से वार कर हत्या कर दी थी। मामले में मध्य जिला के स्पेशल स्टाफ की टीम ने बिहार के मुजफ्फरपुर पहुंचकर आरोपित एक इलेक्ट्रीशियन को गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास लूट की रकम के 18.65 लाख रुपये बरामद कर लिए गए हैं। फरार दूसरे इलेक्ट्रीशियन की तलाश में एक टीम पश्चिम बंगाल के कोलकाता गई है।

डीसीपी मध्य जिला जसमीत सिंह के मुताबिक गिरफ्तार किए गए इलेक्ट्रीशियन का नाम राहुल कुमार है। वह मुजफ्फरपुर के ढेबहा का रहने वाला है। उसे बुधवार को उस समय गिरफ्तार किया गया जब वह रेलवे स्टेशन से अपने घर जा रहा था। सब इंस्पेक्टर संदीप गोदारा की टीम ने उसे गरीबनाथ मंदिर रोड से गिरफ्तार कर लिया। राहुल से पूछताछ से पता चला कि उसका दूसरा साथी कोलकाता भाग गया। अधिकतर नगदी व जेवरात उसी के पास है। वह मूलरूप से लुधियाना का रहने वाला है किंतु दिल्ली में नौकरी करने से पहले वह कोलकाता में काम कर चुका है। इसलिए वहां उसके कई ठिकानें हैं। कारोबारी का नाम प्रीतपाल सिंह है। उनका इलेक्ट्रानिक उपकरणों के आयात-निर्यात का काम है। दोनों इलेक्ट्रीशियनों से कारोबारी की कई सालों से जान पहचान है। वे उनसे जुड़कर काम करते थे।

15 अगस्त को प्रीतमपाल सिंह ने दोनों को अपनी कोठी में काम करने के लिए बुलाया था। तीसरी मंजिल पर दोनों काम कर रहे थे। घरेलू सहायिका सरिता पर देखरेख करने की जिम्मेदारी सौंपकर कारोबारी पत्नी, दो बच्चे व एक अन्य घरेलू सहायिका के साथ लंच करने होटल चले गए थे। इलेक्ट्रीशियनों उन्हें 20 मिनट में काम खत्म चले जाने की बात कही थी। जिसपर सरिता को उन्होंने कहा था कि जब वे काम खत्म कर चले जाएं जब वह भी दरवाजा बंद कर अपने घर चले जाए। लेकिन दोनों ने सरिता को अकेला पाकर उसकी हत्या कर दी और आलमारी से लाखों नगदी व जेवरात लूटकर फरार हो गए थे।

शाम साढे पांच बजे कारोबारी जब वापस लौटे तब रास्ते से उन्होंने पहले सरिता के पति को फोन कर पूछा कि वह अपने घर चली गई या नहीं। पति ने सरिता के घर पहुंचने से इंकार किया। तब प्रीतमपाल सिंह ने घर पहुंचकर गार्ड से सरिता के बारे में पूछा। उसने बताया कि वह अभी घर में ही है। ऊपर जाकर पता किया गया तो दरवाजा बंद था। लाक खोलने पर वह कमरे में फर्श पर मृत पड़ी थी। थानाध्यक्ष राजीव कुमार की टीम को जांच में सीसीटीवी फुटेज मिला जिसमें आरोपितों की तस्वीरें कैद थी। उसके बाद स्पेशल स्टाफ की टीम को फ्लाइट से बिहार भेजा गया। वहां से एक आरोपित को दबोचा जा सका।