सालभर से बंद कछुआ तालाब का काम, मुख्यालय भेजा पत्र, 2017 में शासन ने बनाई थी विकास के लिए योजना

 

पिछले एक वर्ष से बजट ना होने की वजह से काम बंद है

इससे चारों तरफ सीढ़यिां टैंक बैठक के लिए बेंच बनाये जा चुके हैं। बचे 1.10 करोड़ रुपये नहीं मिलने से पिछले एक वर्ष से तालाब पर काम बिल्कुल ठप है। नगर निगम के अभियंता द्वारा साल भर में नगर विकास विभाग को तीन पत्र भेजे जा चुके हैं

कानपुर। पनकी स्थित कछुआ तालाब को पर्यटन स्थल की तर्ज पर विकसित किया जाना है, लेकिन पिछले एक वर्ष से बजट ना होने की वजह से काम बंद है। इस वजह से समय पर परियोजना पूरी नहीं हो पाई है। इस संबंध में चार बार पत्र नगर निगम की ओर से जा चुके हैं।

पनकी भाटिया तिराहा से हनुमान मंदिर के बीच पडऩे वाला 350 वर्ष पुराने कछुआ तालाब व नागेश्वर मंदिर है। यहां शहर के अलग-अलग इलाकों से लोग घूमने व कछुओं को पनीर, ब्रेड आदि खिलाने के लिए आते हैं।आकर्षण का केंद्र बने तालाब को सरकार ने वर्ष 2017 में 4.70 करोड़ रुपये से तालाब को पर्यटन स्थल की तर्ज पर विकासित करने का खाका तैयार कराया था। इसमें से नगर निगम को 3.60 करोड़ रुपये मिल चुका है। इससे चारों तरफ सीढ़यिां, टैंक, बैठक के लिए बेंच बनाये जा चुके हैं। बचे 1.10 करोड़ रुपये नहीं मिलने से पिछले एक वर्ष से तालाब पर काम बिल्कुल ठप है। नगर निगम के अभियंता द्वारा साल भर में नगर विकास विभाग को तीन पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन अभी तक रुपये नहीं मिल पाया है।

तालाब में फव्वारे और बच्चों के लिए लगेंगे झूले : कछुआ तालाब के अंदर फव्वारा और परिसर में बच्चों के झूलने के लिए झूलों की व्यवस्था की जाएगी। इससे तालाब आर्कषक दिखाई दे, साथ ही चारों ओर रंग बिरंगी लाइटें लगाने के साथ ही महिलाओं के लिए पिंक टायलेट बनेंगे।

इनका ये है कहना

  • कछुआ तालाब के निर्माण के लिए मुख्यालय से रुपये नहीं मिल पाया है। इस वजह से सालभर से काम बंद पड़ा है। बजट के लिए पत्र लिखा जा चुका है। -आरके सिंह, अधिशासी अभियंता, नगर निगम