केरल: अगले पांच सालों में 20 लाख नौकरियों का होगा सृजन, विजयन सरकार का है मिशन

 

केरल: अगले पांच सालों में 20 लाख नौकरियों का होगा सृजन, विजयन सरकार का है मिशन

केरल की नई पिनाराई विजयन सरकार ने अगले पांच साल के दौरान 20 लाख नौकरियों के अवसर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री विजयन के चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी ने बताया कि पहली कैबिनेट मीटिंग में लिए गए फैसलों के आधार पर रणनीति तैयार की गई है।

 त्रिवेंद्रम, प्रेट्र। केरल सरकार ने नए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए एक मिशन की शुरुआत की है। इस मिशन के जरिए अगले पांच सालों में 20 लाख बेहतर नौकरी के मौके उपलब्ध कराए जाएंगे। केरल सरकार के एक सीनियर अधिकारी ने यह जानकारी दी है। अधिकारी ने बताया कि राज्य को नॉलेज सोसायटी बनाने के क्रम में एक रणनीति पर चर्चा हुई है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी केएम अब्राहम  ने बताया कि सत्ता में नई सरकार आने के बाद पहली कैबिनेट मीटिंग में लिए गए फैसलों के आधार पर ही रणनीति तैयार की गई है।

केरल सरकार के नॉलेज इकोनॉमी मिशन के जरिए हायर एजुकेशन संस्थानों में विद्यार्थियों को कुशलता का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही इन्हें बदलते वक्त के साथ अनुकूल बनाया जाएगा। इस स्कीम में विदेश में नौकरी चले जाने के बाद वापस आने वालों को भी सुविधा दी जाएगी साथ ही जिन्होंने यहां शिक्षा ली लेकिन बेरोजगार हैं उन्हें अवसर प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा इस स्कीम में वैसे भी लोग शामिल हैं जिन्होंने स्कूल की पढ़ाई को छोड़ दिया था। अब्राहम के अनुसार, पांच सालों में इस प्रोजेक्ट के लिए 6 हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

बता दें कि इस केरल नालेज इकोनामी मिशन के हिस्से के रूप में एक डिजिटल वर्कफोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (DWMS) स्थापित किया जाएगा। यह एक विशाल प्लेटफार्म होगा जिसमें नियोक्ता, नौकरी चाहने वाले और विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षक शामिल होंगे। निजी क्षेत्र में, विशाल रोजगार प्लेटफॉर्म जैसे कि मॉन्स्टर डॉट कॉम और फ्रीलांसर डॉट कॉम पहले से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम कर रहे हैं। केरल एक नए रोजगार मंच के लिए ऐसी वैश्विक एजेंसियों की मदद और सहयोग मांगेगा।' उन्होंने कहा कि DWMS के जरिए उन लोगों को शामिल करके अवसरों का लोकतंत्रीकरण है जिनकी निजी क्षेत्र तक पहुंच नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि ज्ञान समाज का महान विचार जन योजना के बाद केरल में होने वाले सबसे बड़े सामाजिक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेगा।