भोपाल: बिना इजाजत के भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने वाले 27 शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज

 

बिना इजाजत के भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने वाले 27 शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर भर्तियां निकालकर नौकरी देने की मांग हो रही है। पिछले दिनों बिना इजाजत के भोपाल के भारतीय जनता पार्टी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने वाले 27 शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।

भोपाल, एएनआइ। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर भर्तियां निकालकर नौकरी देने की मांग हो रही है। पिछले दिनों बिना इजाजत के भोपाल के भारतीय जनता पार्टी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने वाले 27 शिक्षकों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। पुलिस की बिना अनुमति के इन प्रदर्शनकारियों ने भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।

27 शिक्षक  के अलावा इनके खिलाफ दर्ज हुई FIR

भोपाल पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) इरशाद वली ने नामजद आरोपियों के अलावा 1,500 पुरुष और 300 महिला शिक्षकों के खिलाफ भी एफआइआर दर्ज की है। साथ ही उन्होंने बताया कि बीते दिन कुछ चयनित शिक्षकों ने आकर कोरोना दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया। विभाग के कर्मचारियों के बार-बार परामर्श के बाद भी उन्होंने जगह खाली नहीं की। सभी को पुलिस प्रशासन और विभाग द्वारा सलाह दी गई थी। वे सुबह से शाम तक वहीं बैठे रहे। ऐसे में मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा, 'विभाग ने अपना पेपर कोर्ट में पेश कर दिए हैं, इसलिए संयम बरतने की जरूरत है। जो भी विभाग द्वारा तय किया जाएगा, उसके अनुसार कार्यवाही आगे बढ़ेगी। मैंने कुछ लोगों की पहचान कर मामला दर्ज किया है'।

विशेष टीमों का हुआ गठन, होगी जांच

डीआईजी ने यह भी बताया कि विशेष टीमों का गठन किया गया है। वीडियो के माध्यम से विरोध करने वाले  शिक्षकों की पहचान करने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। बता दें कि इससे पहले गुरुवार को शिक्षकों ने अपने नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। प्रदेश में एक परीक्षा के बाद चयनित बड़ी संख्या में शिक्षक सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं और अब वह सड़कों पर उतर रहे हैं। राखी की थाली के साथ विरोध कर रही महिला शिक्षकों ने कहा कि वे चाहती हैं कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आएं और उन्हें आश्वासन दें।

2018 के बाद से नहीं मिला नियुक्ति पत्र

बता दें कि सितंबर 2018 में शिक्षा विभाग द्वारा आदिवासी कल्याण विभाग में शिक्षकों और पदों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था, लेकिन 2019 में रिजल्ट आए दो साल हो चुके हैं। इसके बाद भी उम्मीदवारों को अभी तक नियुक्ति पत्र नहीं मिले हैं।