बारिश के लिए लोगों को करना होगा 3 दिन का इंतजार, IMD ने की ताजा भविष्यवाणी


Weather & Rain ALERT! बारिश के लिए लोगों को करना होगा 3 दिन का इंतजार, IMD ने की ताजा भविष्यवाणी

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का पूर्वानुमान है कि सोमवार को आंशिक तौर पर बादल छाए रहेंगे। दिन भर धूप खिली रहेगी। अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान क्रमश 37 और 26 डिग्री सेल्सियस रहने के आसार हैं। मंगलवार और बुधवार को भी कमोबेश ऐसा ही मौसम बना रहेगा।

नई दिल्ली । पिछले तकरीबन एक पखवाड़े से उमस और गर्मी का सामना कर रहे दिल्ली-एनसीआर के लोगों को तीन दिन का इंतजार और करना होगा। बुधवार तक कमोबेश ऐसा ही मौसम रहेगा, जैसा फिलहाल चल रहा है। तापमान में भी कुछ खास बदलाव होने के आसार नहीं हैं। लेकिन मौसम विभाग की मानें तो बृहस्पतिवार से राजधानी का मौसम फिर से करवट लेगा और बारिश का दौर भी दोबारा शुरू हो जाएगा।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का पूर्वानुमान है कि सोमवार को आंशिक तौर पर बादल छाए रहेंगे। दिन भर धूप खिली रहेगी। अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान क्रमश: 37 और 26 डिग्री सेल्सियस रहने के आसार हैं। मंगलवार और बुधवार को भी कमोबेश ऐसा ही मौसम बना रहेगा। इसके बाद बृहस्पतिवार से शनिवार तक के लिए मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। दूसरी तरफ स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने बताया कि मानसून की अक्षीय रेखा फिलहाल हिमाचल के तराई क्षेत्र में है। बुधवार को यह वहां से नीचे आनी शुरू हो जाएगी, जिसका असर बृहस्पतिवार से दिखाई देने लगेगा।

इस बीच रविवार को स्वतंत्रता दिवस पर तेज धूप और गर्मी का दौर जारी रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री अधिक 37.0 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य स्तर पर 27.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में नमी का स्तर 46 से 72 फीसद रहा। अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस के लिहाज से स्पोर्टस काम्प्लेक्स और न्यूनतम तापमान 30.7 डिग्री सेल्सियस के लिहाज से पीतमपुरा सर्वाधिक गर्म इलाके रहे।

मध्यम श्रेणी में रही एनसीआर की हवा

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जारी एयर क्वालिटी बुलेटिन के अनुसार रविवार को भी एनसीआर की हवा मध्यम श्रेणी में ही दर्ज की गई। दिल्ली का एयर इंडेक्स 114, फरीदाबाद का 111, गाजियाबाद का 144, ग्रेटर नोएडा का 154, गुरुग्राम का 82 और नोएडा का एयर इंडेक्स 132 दर्ज किया गया। सफर इंडिया का कहना है कि बारिश का दौर थमे होने के कारण हाल फिलहाल वायु प्रदूषण की श्रेणी बदलने की उम्मीद भी नहीं है।