भारतीय वायुसेना के सुपर हरक्यूलिस विमानों का रखरखाव करेगी अमेरिकी कंपनी, 32.88 करोड़ डालर में डील

 

32.88 करोड़ डालर के अनुबंध में अमेरिकी कंपनी पांच साल तक वायुसेना के 12 विमानों का रखरखाव करेगी।
सुपर हरक्यूलिस विमानों के बेड़े के रखरखाव के लिए लाकहीड मार्टिन के साथ अनुबंध किया गया है। कंपनी का कहना है कि दुनिया में सबसे सक्रिय सी-130जे के बेड़ों में से एक के रखरखाव में भारतीय वायुसेना के साथ साझेदारी जारी रखना सम्मान की बात है।

नई दिल्ली, आइएएनएस। भारतीय वायुसेना ने अपने दर्जनभर सी-130जे-30 सुपर हरक्यूलिस विमानों के बेड़े के व्यापक रखरखाव करने लिए अमेरिकी कंपनी लाकहीड मार्टिन के साथ पांच साल के लिए 32.88 करोड़ डालर का अनुबंध किया है। लाकहीड मार्टिन सी-130जे विमानों की मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) है।

कंपनी ने एक बयान में कहा, 'इस फालो आन सपोर्ट-2 (एफओएस-2) अनुबंध के जरिये लाकहीड मार्टिन की टीम भारतीय वायुसेना के सी-130जे बेड़े के रखरखाव के लिए जरूरी उपकरण और इंजीनियरिंग सहायता उपलब्ध कराएगी।' यह अनुबंध पहले किए गए पांच वर्षीय एफओएस-1 अनुबंध की कड़ी को जारी रखते हुए किया गया है।

कंपनी का कहना है कि दुनिया में सबसे सक्रिय सी-130जे के बेड़ों में से एक के रखरखाव में भारतीय वायुसेना के साथ साझेदारी जारी रखना सम्मान की बात है। एकीकृत टीम और समर्पित सहायता के जरिये लाकहीड मार्टिन सुनिश्चित करती है कि भारतीय वायुसेना का सी-130जे विमानों का बेड़ा हर मिशन के लिए उपलब्ध और तैयार रहे। एफओएस-2 अनुबंध के जरिये पांच सी-130जे विमानों की 12 साल सर्विसिंग भी की जाएगी। इसे 2022 से लाकहीड मार्टिन द्वारा स्वीकृत हैवी मेंटीनेंस सेंटर (एसएमसी) पर किया जाएगा।