अमेरिका, रूस और जापान समेत दुनिया के कई देशों ने दी भारत को 75वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई

 


अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन और नरेंद्र मोदी।(फोटो: दैनिक जागरण)

भारत आज अपना 75वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि मैं दुनिया भर में जश्न मनाने वाले सभी लोगों को एक सुरक्षित और खुशहाल भारतीय स्वतंत्रता दिवस की कामना करता हूं।

नई दिल्ली, एएनआइ। अमेरिका, रूस और जापान ने भारत को उसके 75वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी है। ट्विटर पर रूसी राजदूत निकोले कुदाशेव ने ट्वीट किया कि सभी भारतीयों को स्वतंत्रता दिवस 2021 पर तहे दिल से बधाई! हमें इसमें कोई संदेह नहीं है कि भारत नई उपलब्धियों और बड़े लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ेगा! नई दिल्ली में जापान के राजदूत सतोशी सुजुकी ने भारत को बधाई देते हुए कहा कि हम अपने भारतीय दोस्तों के साथ भारत का स्वतंत्रता दिवस मनाना चाहते हैं।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 75 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारतीय राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि रूस-भारत संबंधों को और बढ़ाना दोनों देशों के हित में है।रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत के स्वतंत्रता दिवस पर कहा कि आर्थिक, सामाजिक और अन्य क्षेत्रों में भारत द्वारा प्राप्त सफलता को व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है। आपका देश वैश्विक क्षेत्र में उच्च प्रतिष्ठा प्राप्त करता है और अंतरराष्ट्रीय एजेंडा के सामयिक मुद्दों को हल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने भारत को शुभकामनाएं देते हुए कहा था कि नई दिल्ली और वाशिंगटन को दुनिया को दिखाना चाहिए कि दो महान और विविध लोकतंत्र हर जगह लोगों के लिए काम कर सकते हैं। एक बयान में बाइडन ने कहा कि मैं आज भारत में संयुक्त राज्य अमेरिका में और दुनिया भर में जश्न मनाने वाले सभी लोगों को एक सुरक्षित और खुशहाल भारतीय स्वतंत्रता दिवस की कामना करता हूं। 15 अगस्त, 1947 को, भारत ने अपनी लंबी यात्रा के बाद आजादी हासिल की। उन्होंने कहा कि भारत को ये आजादी महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के संदेश द्वारा निर्देशित होकर मिली।भारत रविवार को अपना 75वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और नई दिल्ली में लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को पारंपरिक संबोधन दिया