आप का भाजपा शासित नगर निगम पर आरोप, करोड़ों की जमीन कौड़ियों के भाव 99 साल के लिए पट्टे पर दी


आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं ने भाजपा मुख्यालय के पास प्रदर्शन किया।
पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक स्थित निगम के नावेल्टी सिनेमा की जमीन को 34 करोड़ रुपये में बेचने का आरोप लगाते हुए बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं ने भाजपा मुख्यालय के पास प्रदर्शन किया। सुबह से ही दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर कार्यकर्ता जुटने लगे।

नई दिल्ली,  संवाददाता। पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक स्थित निगम के नावेल्टी सिनेमा की जमीन को 34 करोड़ रुपये में बेचने का आरोप लगाते हुए बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं ने भाजपा मुख्यालय के पास प्रदर्शन किया। सुबह से ही दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर कार्यकर्ता जुटने लगे। इसके बाद पुलिस की संख्या बढ़ाई गई। वहीं, जैसे ही कार्यकर्ता मुख्यालय की तरफ बढ़ने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद उन्होंने मुख्यालय के पास ही भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही कहा कि भाजपा शासित नगर निगम ने 200 करोड़ रुपये कीमत के नावेल्टी सिनेमा की जमीन को मात्र 34.75 करोड़ रुपये में 99 साल के लिए पट्टे पर दिया है।

आप के राष्ट्रीय सचिव पंकज गुप्ता ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा निगम की जमीन को बेचकर अपनी जेब भरना चाहती है। उन्होंने सिनेमा बेचने का निर्णय वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होती है, तब तक पार्टी विरोध करती रहेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। निगम के स्कूलों और अस्पतालों की हालत बहुत खराब है। आप के विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि दिल्ली के लोग चाहते हैं कि केजरीवाल सरकार ने जैसे बिजली-पानी की सुविधा देने का काम किया है, वैसे ही एमसीडी में भी सुविधाएं दें। उत्तरी दिल्ली नगर निगम के नेता विपक्ष विकास गोयल ने कहा कि निगम में लगातार घोटाले हो रहे हैं।

वहीं, पूर्वी दिल्ली के नेता विपक्ष मनोज त्यागी ने कहा कि आगामी निगम चुनाव में भाजपा अपनी हार निश्चित मान चुकी है, जिसके बाद से वह जेब भरने का काम कर रही है और नावेल्टी सिनेमा को मात्र 34 करोड़ रुपये में बेच दिया है।यह है मामलापुरानी दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में नगर निगम की जमीन थी, जिस पर वर्ष 1930 में सिनेमा बना था। यहां दूरदराज से आकर लोग फिल्म देखते थे। वर्ष 2000 में विजय नारायण सेठ से पट्टे की अवधि खत्म होने के बाद निगम ने जमीन को अधिग्रहण किया था।

शुरुआत में निजी भागीदारी के माध्यम से सिनेमाघर और शा¨पग कांप्लेक्स बनाने की बात निगम ने रखी थी। वर्ष 2012 में जब नगर निगम को तीन हिस्सों में बांटा गया था, तब 1157 वर्ग मीटर की जमीन उत्तरी निगम के हिस्से में आ गई थी। वहीं, जनवरी वर्ष 2020 में निगम ने इस जर्जर इमारत को ध्वस्त कर दिया था।