क्षणभर की मुलाकात में पीएम मोदी ने जीता एनसीसी कैडेट का दिल

 



सुरक्षा घेरा तोड़कर एनसीसी कैडेट के बीच पहुंचे पीएम

एनसीसी कैडेट का कहना था कि भले ही मुलाकात क्षणभर की थी लेकिन पीएम ने आकर उनका दिल जीत लिया । एनसीसी कैडेट इस बात से खुश थे कि प्रधानमंत्री ने उनके बीच पहुंचकर हालचाल भी ले लिया ।

नई दिल्ली । स्वतंत्रता दिवस का असवर हो लाल किले की प्राचीर से भाषण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र बच्चों के बीच न जाए यह अंसभव सा ही है। हर बार की तरह इस बार न केवल राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेटो के बीच पहुंच गए बल्कि एक कदम आगे बढ़ाते हुए वह जनता के नजदीक पहुंच गए। अब तक पीएम लाल किले की प्राचीर के सामने बैठे स्कूली छात्रों से सुरक्षा घेरे को तोड़कर मुलाकात करते हैं।

कोरोना के चलते इस बार एनसीसी कैडेट को बुलाया गया था। इस बार भी पीएम एनसीसी कैडेट के बीच तो पहुंचे ही बल्कि इन कैडेट के पास बैठे नागरिकों ने जब पीएम को आवाज लगाई तो उनके पास भी वह जाने से रोक नहीं पाए। एनसीसी कैडेट का कहना था कि भले ही मुलाकात क्षणभर की थी लेकिन पीएम ने आकर उनका दिल जीत लिया। एनसीसी कैडेट इस बात से खुश थे कि प्रधानमंत्री ने उनके बीच पहुंचकर हालचाल भी ले लिया। कैडेट के लिए यह पहला मौका जो था कि जब टेलिविजन के सिवाय प्रत्यक्ष रुप से नरेंद्र मोदी को इतने करीब से देख रहे थे। जबकि उन्होंने इससे पहले इसकी कल्पना भी नहीं थी।

हम सौभाग्यशाली है कि इतने बड़े देश में से हम 550 एनसीसी कैडेट को लाल किले पर आजादी का पर्व मनाने का हिस्सेदार बनाया गया है। प्रधानमंत्री ने पूछा कि आप लोग ठीक हैं तो हम सभी ने अपना हाल बताया। पीएम को इतने करीब से देखकर बहुत ही खुश हूं।

तुषार, एनसीसी कैडेट

पीएम को इतने करीब से देखने का मौका मिला बहुत खुशी है। कभी सोचा नहीं था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इतने करीब से देख पाएंगे। भले ही वह क्षणभर के लिए हमारे बीच आए लेकिन वह हमारा दिल जीत ले गए।

केशव, एनसीसी कैडेट

हर बार स्कूली बच्चों के बीच पीएम आते थे, हमें इस बात अंदेशा नहीं था कि पीएम एनसीसी कैडेट के बीच आ जाएंगे। उनको इतने नजदीक से देखकर बहुत अच्छा लगा। सैनिक स्कूलों में लड़किया भी दाखिला ले सकेगी पीएम की इस घोषणा को सुनकर अच्छा लगा।

प्रिंस कुमार, एनसीसी कैडेट

लाल किले में आकर इस कार्यक्रम का हिस्सा बनना गर्व की बात है। हर बार हम लोग टीवी पर इस कार्यक्रम को देखते थे। आज प्रत्यक्ष रूप से कार्यक्रम देखा तो बहुत अच्छा लगा।