फोटो जर्नलिस्टस की दिल को छू लेने वाली तस्वीरें

 

 

बच्चों की कैमरे के साथ खूबसूरत तस्वीर।

 फोटो हजार शब्दों के बराबर होता है। फोटोग्राफी के लिए उस खास नजर का होना जरूरी है जो फोटो में जान ला दे। हम दैनिक जागरण और नईदुनिया के फोटोग्राफरों के लिए गए कुछ ऐसे ही फोटो लेकर आए हैं जो आपको सोचने के लिए मजबूर कर देंगे।

नई दिल्ली। आज विश्व फोटोग्राफी दिवस हैं। कहते हैं एक फोटो हजार शब्दों के बराबर होता है। फोटोग्राफी के लिए उस खास नजर का होना जरूरी है जो फोटो में जान ला दे। इस अवसर पर हम  लिए गए कुछ ऐसे ही फोटो लेकर आए हैं, जो आपको सोचने के लिए मजबूर कर देंगे।

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होली के त्योहार में हर कोई मस्ती से सराबोर रहता है। बुलंदशहर खुर्जा रोड स्थित आजाद पब्लिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में कुछ इस अंदाज में नजर आई शिक्षिकाएं। फोटोग्राफर : हितेश गुप्ता

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रामपुर मनिहारान में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग की प्रस्तुति देते मोक्षायतन के साधक। फोटोग्राफर : मनोज शर्माjagran

नजीबाबाद में बारिश के बाद जब सूर्य देव ने दर्शन दिए तो मानो जैसे प्रकृति ने आसमान में सुनहरे रंग से मनमोहक चित्रकारी की हो। वहीं सूर्य देव ने अपनी किरणों से अद्भुत नजारे को चार चांद लगा दिए। फोटोग्राफर: गौरव टांक

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यह फोटो 11 अप्रैल 2021 की है। संध्‍या आरती के दौरान हरिद्वार में हरकी पैड़ी ब्रह्मकुंड पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान श्रद्धालुओं को प्रशासन की ओर से कोविड-19 गाइडलाइन का अनुपालन करने की शपथ दिलाई गई। फोटोग्राफर : राजेश बड़थ्‍वाल

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यह फोटो 24 फरवरी 2021 की है। ट्रेनिंग के बाद तैयार महिला कमांडो ने देहरादून स्थित पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में रणकौशल और कमांडो गतिविधियों का प्रदर्शन किया। महज 12 दिन के प्रशिक्षण से पारंगत बनीं 22 महिला कमांडो ने आग के गोलों के बीच से गुजर कर हैरतंगेज प्रदर्शन किया। फोटोग्राफर : राजेश बड़थ्‍वाल

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पटना में इन दिनों गंगा का जलस्तर बढ़ा हुआ है। आये दिन हादसे होते रहते हैं। इसके बावजूद लोग चेत नहीं रहे हैं। उफनाई गंगा में एडवेंचर करते बच्चे की यह तस्‍वीर पटना के दीघा घाट की है। फोटोग्राफर: चंद्र प्रकाश मिश्र

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सेहत से यारी, साइकिल की सवारी: साइकिल आपकी फिटनेस को रफ्तार देगी। विश्व साइकिल दिवस की पूर्व संध्या पर पटना के दीघा क्षेत्र में साइकिल की सवारी करते युवा। फोटोग्राफर: चंद्र प्रकाश मिश्र

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 कोरोना की दूसरी लहर के दौरान पटना के श्मशान घाटों पर एक चिता की राख ठंडी नहीं हो पाती थी कि दूसरी, तीसरी... जला दी जा रही थी। अप्रैल के अंतिम दिनों में पटना के गुलबी घाट पर जब पैर रखने की जगह नहीं रही तो डोमराजा नाव से चिता की लकड़ी ठीक करने लगा। फोटोग्राफर: अजीत कुमार

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इंदौर के करीब देवास बायपास पर दूर से नजर आती पवन चक्कियों पर जब बादलों के बीच से हल्की सी धूप पड़ी तो वे चमक उठी। नई दुनिया के फोटो जर्नलिस्ट : राजू पवार, इंदौर

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इंदौर के करीब पर्यटन स्थल जाम गेट का दृश्य। फोटो जर्नलिस्ट : राजू पवार, इंदौर

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ग्वालियर में एक हजार वर्ष पुराने सागरताल का 360 डिग्री तस्वीर। नई दुनिया के फोटो जर्नलिस्ट : मनीष शर्मा, ग्वालियर

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बैगा आदिवासियों के लिए गोदना का संबंध आत्मा से होता है। करीब आठ साल की बैगा बच्चियों के माथे से गोदना प्रारंभ होता है और शादी के बाद पूरे शरीर में इसे गुदवाने की परंपरा सालों से चली आ रही है। नई दुनिया के फोटो जर्नलिस्ट : उमा शंकर मिश्रा, जबलपुर

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महेश्वर में नर्मदा घाट। फोटो जर्नलिस्ट : राजू पवार

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मुर्गे के साथ खुशी के पल स्मार्ट फोन में कैद करती ये युवतियां मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले के समनापुर गांव में उस बैगा आदिवासी समाज की हैं, जो कभी एक ही कपड़े में गुजारा करते थे। अब मुर्गी पालन के जरिए आदिवासी को रोजगार मिला है। नई दुनिया के फोटो जर्नलिस्ट : उमा शंकर मिश्रा, जबलपुर

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जबलपुर में कोरोना की दूसरी लहर में आक्सीजन सिलिंडर के लिए बंदूक लेकर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया। कोरोना मरीजों के लिए उस समय आक्सीजन सिलिंडर की हेराफेरी न हो, इसका ध्यान रखा गया। फोटो : उमा शंकर मिश्रा, जबलपुर

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ये खूबसूरत तस्वीर, जबलपुर में नर्मदातट तिलवाराघाट की है। नर्मदा के सौदर्य को कैद करने के लिए लोग इस सेतु पर पहुंचते हैं। कुछ नाव के जरिए यहां के दृश्य को निहारते हैं। सेतु के खंभे के दोनों ओर नाव पहुंची और छाया पड़ी तो यह खूबसूरत दृश्य उभर आया। फोटो : उमा शंकर मिश्रा, जबलपुर