मेहंदीपुर बालाजी मंदिर अधिग्रहण के नोटिस पर राजस्थान हाईकोर्ट ने लगाई रोक

 

मेहंदीपुर बालाजी मंदिर अधिग्रहण के नोटिस पर राजस्थान हाईकोर्ट ने लगाई रोक। फाइल फोटो

राजस्थान के दौसा में मेहंदीपुर बालाजी मंदिर अधिग्रहण के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने देवस्थान विभाग के नोटिस पर स्टे दिया है। देवस्थान विभाग ने मंदिर अधिग्रहण को लेकर दो सप्ताह पहले सार्वजनिक नोटिस जारी किया था।

जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान के दौसा में स्थित देश के प्रमुख धार्मिक स्थल मेहंदीपुर बालाजी मंदिर अधिग्रहण के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने देवस्थान विभाग के नोटिस पर स्टे दिया है। देवस्थान विभाग ने मंदिर अधिग्रहण को लेकर दो सप्ताह पहले सार्वजनिक नोटिस जारी किया था। अधिकारियों ने अधिग्रहण की तैयारी भी शुरू कर दी थी, लेकिन इसी बीच बालाजी ट्रस्ट ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका पर सुनवाई के बाद जस्टिस एसपी शर्मा ने नोटिस पर 21 अक्टूबर तक रोक लगा दी है। ऐसे में अब हाईकोर्ट का फैसला आने तक बालाजी मंदिर के अधिग्रहण की कार्रवाई नहीं हो सकेगी। ट्रस्ट की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद शर्मा ने पैरवी करते हुए अधिग्रहण के खिलाफ तथ्य पेश किए।

वहीं, देवस्थान विभाग के वकील अरुण कुमार ने कहा कि विभाग ने नियम विरुद्ध नोटिस देकर बालाजी मंदिर को वंश पंपरागत महंत गद्दी का मंदिर नहीं माना था, जबकि ट्रस्ट डीड साल, 1996 में गद्दी को वंश परंपरागत उत्तराधिकारी मानते हुए देवस्थान विभाग के तत्कालीन सहायक आयुक्त द्वारा स्पष्ट उल्लेख किया गया है। इसमें बताया गया है कि मंदिर के महंत के निधन या स्वेच्छा से गद्दी छोड़ने की स्थिति में उनके द्वारा चयनित उत्तराधिकारी ही महंत की गद्दी का हकदार होगा। वह महंत के सानिध्य में शिक्षा-दीक्षा प्राप्त किया हुआ होना चाहिए। ट्रस्ट द्वारा हाईकोर्ट में दायर याचिका में देवस्थान विभाग के संयुक्त सचिव, आयुक्त और सहायक आयुक्त को पक्षकार बनाया गया है। अब मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को होगी। हाईकोर्ट द्वारा देवस्थान विभाग के नोटिस पर रोक लगाए जाने के बाद मेहंदीपुर बालाजी के लोगों के साथ ही राज्य के बाहर से आए भक्तों ने खुशी जताते हुए मंदिर में पूजा-अर्चना की। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों महंत किशोरपुरी के निधन के बाद देवस्थान विभाग ने मंदिर के अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की थी। इसके लिए सार्वजनिक नोटिस जारी किया गया था। अब मंदिर के महंत की गद्दी पर स्वर्गीय किशोरपुरी के भतीजे नरेशपुरी के बैठने का रास्ता साफ होता हुआ नजर आ रहा है।