लंदन में हुए एक स्ट्रीट प्ले के वीडियो को असली अफगान औरतों की नीलामी बताकर किया जा रहा है वायरल

 

खबर के अनुसार भी यह विज़ुअल्स लंदन में 2014 में हुए एक मॉक ड्रिल की हैं
फैक्ट चेकिंग टीम विश्वास न्यूज़ ने इस पोस्ट की पड़ताल की। पड़ताल को शुरू करने के लिए विश्वास न्यूज़ सबसे पहले इस वीडियो को InVID टूल पर डालकर उसके कीफ्रेम्स निकाले। इन इमेजेज को हमने गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया।

नई दिल्‍ली । तालिबान के काबुल पर कब्‍जे के बाद से ही सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति को सड़क किनारे कुछ बुर्का पहने महिलाओं को बेचते हुए देखा जा सकता है। पोस्ट के साथ दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो अफगानिस्तान का है, जहां सड़क किनारे महिलाओं की बोली लगायी जा रही है।

दैनिक जागरण की फैक्ट चेकिंग टीम विश्वास न्यूज़ ने इस पोस्ट की पड़ताल की। पड़ताल को शुरू करने के लिए विश्वास न्यूज़ सबसे पहले इस वीडियो को InVID टूल पर डालकर उसके कीफ्रेम्स निकाले। इन इमेजेज को हमने गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। विश्वास न्यूज़ को यह वीडियो दुसरे एंगल से bbc.com की एक खबर में मिला। खबर के अनुसार, “कुर्द कार्यकर्ताओं द्वारा इस्लामिक स्टेट के खिलाफ सोशल मीडिया अभियान जारी है – लंदन के बीचोंबीच एक नकली “इस्लामिक स्टेट स्लेव मार्केट” के वीडियो को YouTube पर एक मिलियन से अधिक बार देखा गया।”

विश्वास न्यूज़ को इस बारे में एक खबर newsweek.com/ पर भी मिली। इस खबर के अनुसार भी यह विज़ुअल्स लंदन में 2014 में हुए एक मॉक ड्रिल की हैं।

इस वीडियो को Hitendra Patel Nilkanth नाम के एक फेसबुक यूजर ने गलत दावे के साथ शेयर किया था। यूजर के अकाउंट को स्कैन करने पर विश्वास न्यूज़ ने पाया कि यूजर ने अपनी जानकारी हाइड कर रखी है।

विश्वास न्यूज़ की पड़ताल में दावा गलत साबित हुआ। यह 2014 में लंदन की सड़कों पर कुछ कुर्द एक्टिविस्ट्स और अभिनेताओं द्वारा किया गया प्ले था, कोई असली औरतों की नीलामी नहीं।