राखी बांधते ही भाई को सुनने को मिलेगा बहना ने भाई की कलाई पर प्यार बांधा है

 


डिजिटल हुआ रक्षाबंधन, तकनीक ने दूर रह कर भी कराया नजदीकी का अहसास
Publish Date:Sun, 15 Aug 2021 03:00 PM (IST)Author: Prateek Kumar

Raksha Bandhan 2021 बहना ने भाई की कलाई पर प्यार बांधा है भइया मेरे राखी के बंधन को निभाना जैसे गीतों के बोल प्यार का अहसास कराएंगे। इस तरह की डिजिटल राखियां पांच नंबर निवासी अजय खरबंदा ने तैयार की हैं।

फरीदाबाद । रक्षाबंधन भी अब तकनीक के चलते डिजिटल हो गया है। भाई की कलाई पर जब डिजिटल राखी बांधी जाएगी, तो इस राखी पर दिए गए क्यूआर कोड को जब मोबाइल पर स्कैन किया जाएगा, तो उसी वक्त भाई-बहन के प्यार से जुड़े गीतों की विडियो सुनने-देखने को मिलेगी।

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प्यार का अहसास कराएंगे गीतों के बोल

बहना ने भाई की कलाई पर प्यार बांधा है, भइया मेरे राखी के बंधन को निभाना जैसे गीतों के बोल प्यार का अहसास कराएंगे। इस तरह की डिजिटल राखियां पांच नंबर निवासी अजय खरबंदा ने तैयार की हैं। साईं राखी निर्माता अजय खरंबदा श्री श्रद्धा रामलीला कमेटी के कला निर्देशक भी हैं। कोरोना की वजह से इन दिनों बहुत सी बहनें दूसरे शहरों में अपने भाइयों के घर नहीं पा रही हैं।

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ऐसी बहनों को डिजिटल राखियां बहुत पसंद आ रही हैं। इस तरह की डिजिटल राखी की कीमत 70 रुपये से 150 रुपये है। अजय खरंबदा ने बताया कि वह कई वर्षों से राखी बनाने के काम से जुड़े हैं इस वर्ष थोड़ा सा कुछ नया किया है। अजय खरबंदा ने बताया कि जिस तरह बड़ों के लिए डिजिटल राखी तैयार की हैं उसी तरह बच्चों के लिए भी अलग से कार्टून करेक्टर से जुड़ी हुई डिजिटल राखी तैयार की है बच्चों के लिए विशेष तौर पर ऐसी राखियां तैयार की गई हैं जिनमें केक बर्गर चॉकलेट इडली वेज रोल सैंडविच के मॉडल दर्शाए गए हैं। इनकी कीमत 50 से 75 प्रति राखी है। सेक्टर 15 मार्केट की राखी विक्रेता सुरेंद्र सुनंदा वरुण ने बताया कि इस बार महादेव राखी कृष्ण राधा राम सीता और ओम नमः शिवाय से जुड़ी राखियों की भी मांग है । इसके अलावा भाई को नजर ना लगे इसके लिए भी बाजार में राखियां उपलब्ध है।