आटो मोबाइल के लिए जाब वर्क करने वाली छोटी इंडस्ट्री को मिलेगा बूम

 


Automobile Scrappage Policy: आटो मोबाइल के लिए जाब वर्क करने वाली छोटी इंडस्ट्री को मिलेगा बूम

 जमीन महंगी होने के कारण कुछ बड़ी इंडस्ट्री अपना विस्तार उन राज्यों में कर रहे थे जहां जमीन सस्ती है मगर उद्यमियों का मानना है कि इस पालिसी के लागू होने से बड़ी कंपनियां एनसीआर भी अपना उत्पादन बढ़ाने की दिशा में काम करेंगे।

नई दिल्ली/फरीदाबाद । केंद्र सरकार की नई आटोमोबाइल स्क्रैपेज पालिसी को उद्यमी उत्पादन बढ़ोतरी की दिशा में काफी कारगर मान रहे हैं। गुरुग्राम-फरीदाबाद सहित एनसीआर के अन्य प्रमुख शहर इस समय आटो मोबाइल के हब हैं। यहां जमीन महंगी होने के कारण कुछ बड़ी इंडस्ट्री अपना विस्तार उन राज्यों में कर रहे थे जहां जमीन सस्ती है, मगर उद्यमियों का मानना है कि इस पालिसी के लागू होने से बड़ी कंपनियां एनसीआर भी अपना उत्पादन बढ़ाने की दिशा में काम करेंगे। इससे आटो मोबाइल के लिए जाब वर्क करने वाली छोटी इंडस्ट्री को बूम मिलेगा। दूरगामी नतीजों के रूप में इस पालिसी से उद्यमी यह भी मान रहे हैं कि इससे विदेशी निवेश के साथ रोजगार के संसाधन भी बढ़ेंगे।

विदेशी निवेश के साथ रोजगार के संसाधन भी बढ़ेंगे

केंद्र सरकार ने यह एक बेहतरीन पालिसी बनाई है। विकसित और विकासशील देशों में यह पालिसी काफी कारगर है। उत्पादन बढ़ाने से लेकर आटो इंडस्ट्री के बूम के लिए यह पालिसी काफी सार्थक साबित होगी।जेपी मल्होत्रा (प्रधान, डीएलएफ इंडस्ट्रीज एसोसिशन) कहते हैं इस पालिसी को मैं तो इस रूप में भी देख रहा हूं कि अनफिट गाड़ियां जब सड़कों पर नहीं रहेंगी तो दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। फरीदाबाद-गुरुग्राम सहित एनसीआर के प्रमुख जिला गाजियाबाद, सोनीपत, नोएडा भी आटो इंडस्ट्री के हब को इसका सीधा फायदा मिलेगा।  

मोदी सरकार का यह एक सराहनीय फैसला है। इससे उत्पादन का एक चक्र बनेगा जो उत्पादन बढ़ाने में सहयोगी बनेगा। इससे खरीददारी के साथ उत्पादन की मांग बढ़ेगी। सबसे अधिक फायदा तो इसमें रोजगार बढ़ाने में होगा।एचएस बांगा (प्रबंध निदेशक, विक्टोरा टूल्स) का कहना है किअब आटो इंडस्ट्री बड़े शहरों से दूर छोटे शहरों में भी अपने प्लांट का विस्तार करेंगे। मारुति लिमिटेड गुरुग्राम के मानेसर, गुजरात के बाद दक्षिण में भी अपने प्लांट का विस्तार करेगी।