ओबीसी आरक्षण को लेकर सरकार आम जनता को कर रही है गुमराह : शरद पवार

 

आरक्षण को लेकर सरकार आम जनता को गुमराह कर रही हैं : शरद पवार
शरद पवार ने कहा केंद्र सरकार ने दो दिन पहले ही सभी राज्यों को ओबीसी आरक्षण की सूची बनाने के लिए कहा था। देश में बहुत से लोग ये सोचते हैं कि आरक्षण राज्य सरकार द्वारा दिया जाता है लेकिन इसे लेकर जनता को गुमराह किया जा रहा है।

नई दिल्ली, एएनआइ। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार ने सोमवार को ओबीसी आरक्षण के मुद्दे को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला है। शरद पवार ने कहा कि केंद्र सरकार ने दो दिन पहले ही सभी राज्यों को ओबीसी आरक्षण की सूची बनाने के लिए कहा था। देश में बहुत से लोग ये सोचते हैं कि आरक्षण राज्य सरकार द्वारा दिया जाता है, लेकिन इसे लेकर आम जनता को गुमराह किया जा रहा है।

इस बार के मानसून सत्र के दौरान संसद में पारित संविधान केंद्र (127 वां संशोधन) विधेयक, 2021 की आलोचना करते हुए, एनसीपी प्रमुख पवार ने बताया कि इससे पहले कोर्ट ने एक अहम फैसला लेते हुए कहा था कि 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण नहीं दिया जा सकता। अब, केंद्र ने कहा है कि राज्य सरकारें ओबीसी आरक्षण के लिए सूची तैयार कर सकती हैं और अपने स्तर पर इस पर निर्णय ले सकती हैं। लेकिन इसका कोई फायदा नहीं होगा क्योंकि लगभग सभी राज्यों ने 50 फीसदी का आंकड़ा पार कर लिया है।

लोगों के सामने सच लाना जरूरी

शरद पवार ने कहा कि केंद्र आम लोगों को गुमराह कर रही हैं, इसे जनता के सामने लाना जरूरी है। हम जगह-जगह सभाएं कर सरकार द्वारा इस कार्य की हकीकत लोगों को बताएंगे। जब तक लोगों को इस बात की जानकारी नहीं दी जाएंगी, तब तक मोदी सरकार पर दबाव नहीं दिया जा सकता।

जाति आधारित जनगणना की मांग की

देश में जाति आधारित जनगणना की मांग करते हुए शरद पवार ने कहा कि भाजपा के सांसद और कई नेता भी जाति आधारित जनगणना के पक्ष में है। लेकिन पीएम मोदी के सामने बीजेपी सदस्यों को बोलने और अपनी राय रखने के लिए साहस पैदा करने की जरूरत है। मुझे उम्मीद है कि आने वाले कुछ दिनों में ऐसा होगा। संशोधन ओबीसी समुदाय को धोखा दे रहा है। हम लोग संशोधन को लेकर सरकार पर दबाव बनाएंगे।हाल ही में राज्यसभा में संविधान (127 वां संशोधन) विधेयक, 2021 को 187-0 के बहुमत के साथ पारित किया गया था। विधेयक के तहत राज्यों को सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों की पहचान और उन्हें अधिसूचित करके ओबीसी की अपनी सूची बनाने की शक्ति देता है।