राजनाथ बोले- जटिल हो रही हैं राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियां, स्‍वदेशी रक्षा उद्योग को आत्मनिर्भर बनाने पर दिया जोर

 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वैश्विक स्तर पर बदलती स्थितियों के मद्देनजर सुरक्षा चुनौतियां बढ़ रही हैं...

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वैश्विक स्तर पर बदलती भौगोलिक स्थितियों के मद्देनजर भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियां बढ़ रही हैं और जटिल होती जा रही हैं। ऐसी स्थिति में हमें देश के रक्षा उद्योग को सुदृढ़ सक्षम और पूर्णरूप से आत्मनिर्भर बनाना होगा।

नई दिल्ली, पीटीआइ। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वैश्विक स्तर पर बदलती भौगोलिक स्थितियों के मद्देनजर भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियां बढ़ रही हैं और जटिल होती जा रही हैं। ऐसी स्थिति में हमें देश के रक्षा उद्योग को सुदृढ़, सक्षम और पूर्णरूप से आत्मनिर्भर बनाना होगा। उनका यह बयान अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे और अन्य देशों में बढ़ती चिंता के बीच आया है।

'डिफेंस इंडिया स्टार्टअप चेलेंज 5.0' लांच

रक्षा मंत्री ने गुरुवार को इनोवेशन फार डिफेंस एक्सीलेंस (आइडीईएक्स) की पहल 'डिफेंस इंडिया स्टार्टअप चेलेंज 5.0' लांच किया। यह रक्षा क्षेत्र में तकनीकी विकास का मंच है। इसके बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया में सुरक्षा परिदृश्य बड़ी तेजी से बदल रहा है, इसलिए हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौतियां बढ़ती और जटिल होती जा रही हैं। वैश्विक भू-राजनीतिक हालात में निरंतर बदलाव हो रहे हैं।

आत्मनिर्भर रक्षा उद्योग पर जोर

सिंह ने कहा कि तेजी से बदलती मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए भारत को सशस्त्र बलों की जरूरतों को पूरा करने के लिए मजबूत, सक्षम और आत्मनिर्भर रक्षा उद्योग पर ध्यान देना चाहिए। यह आवश्यक है कि हम न केवल मजबूत, आधुनिक और अच्छी तरह से सुसज्जित बलों को तैयार करें, बल्कि अपने रक्षा उद्योग का भी विकास करें, जो समान रूप से मजबूत, सक्षम और सबसे महत्वपूर्ण, पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो।

निजी क्षेत्र से आगे आने की अपील

सरकार से हर संभव सहयोग का आश्वासन देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि मैं निजी क्षेत्र से आगे आने और रक्षा क्षेत्र को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने में योगदान देने का आह्वान करता हूं।

संबोधन की खास बातें

- हमारे देश में न तो प्रतिभाओं की कमी है और न ही प्रतिभाओं की मांग में कमी

- आइडीईएक्स मंच इस अंतर को पाटने में काफी हद तक कामयाब साबित हुआ

- केंद्र सरकार ने भारत को रक्षा विनिर्माण का केंद्र बनाने के लिए कई कदम उठाए

- 2024 तक 101 हथियारों और सैन्य सामानों जैसे परिवहन विमान, हल्के लड़ाकू हेलीकाप्टर, पारंपरिक पनडुब्बी, क्रूज मिसाइल और सोनार सिस्टम के आयात को रोक