सीमा की सुरक्षा के साथ मानवता भी, बीएसएफ ने सांप काटने पर महिला को अस्पताल पहुंचाकर बचाई जान

 

सांप काटने के बाद महिला को अस्पताल ले जाते बीएसएफ के प्रहरी।
मुर्शिदाबाद में तैनात बीएसएफ की 86वीं वाहिनी ने बीते एक माह के अंदर ही शिकारपुर सीमा चौकी इलाके में चार ग्रामीणों को सांप काटने के बाद अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाने में मदद की है।बंगाल के इस इलाके में बारिश के बाद से ही सांपों ने कहर बरपा रखा है।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के प्रहरी सीमा की रखवाली करने के साथ सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों के लिए भी किसी देवदूत से कम नहीं है।इसी तरह की मिसाल मुर्शिदाबाद जिले में भारत- बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा में तैनात दक्षिण बंगाल फ्रंटियर अंतर्गत बीएसएफ की 141वीं बटालियन के जवानों ने फिर पेश की है।

बटालियन के क्षेत्र में आने वाले शंकरपारा गांव की एक महिला को सांप काटने के बाद बीएसएफ ने अपनी एंबुलेंस से उन्हें समय पर अस्पताल पहुंचाकर जान बचाई है। बीएसएफ द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, शंकरपारा गांव में 19 अगस्त की शाम रुपाली नाम की 29 वर्षीय महिला जब अपने खेत में काम कर रही थी तो उसी समय एक जहरीले सांप ने उसे काट लिया।

बॉर्डर आउट पोस्ट मधुबना के कंपनी कमांडर को जब इस घटना की जानकारी हुई तो उन्होंने बिना देर किए एक नर्सिंग सहायक के साथ बीएसएफ एंबुलेंस को रुपाली के घर तुरंत भेज दिया। प्राथमिक चिकित्सा देने के पश्चात उसे इलाज के लिए तत्काल सदिखान अस्पताल में पहुंचाया। यहां समय पर इलाज के बाद मरीज की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

महिला के पति ने बीएसएफ का जताया आभार

इधर, रुपाली के पति उमर फारूक ने सीमा सुरक्षा बल के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि अगर बीएसएफ ने सही समय पर मदद नहीं की होती तो सांप का जहर उसकी पत्नी के पूरे शरीर में फैल जाता और उसकी मौत भी हो सकती थी। वहीं,141 बटालियन के कार्यवाहक कमांडिंग ऑफिसर अरविंद कुमार ने कहा कि हमारे जवान अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ लोगों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखते हैं। किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में बीएसएफ के जवान, लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।

बताते चलें कि इससे पहले मुर्शिदाबाद जिले में ही तैनात बीएसएफ की 86वीं वाहिनी ने बीते एक माह के अंदर ही शिकारपुर सीमा चौकी इलाके में चार ग्रामीणों को सांप काटने के बाद अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाने में मदद की है। दरअसल, बंगाल के इस इलाके में बारिश के बाद से ही सांपों ने कहर बरपा रखा है। ऐसे में बीएसएफ यहां के लोगों के लिए किसी देवदूत से कम नहीं है।