लक्ष्मी भंडार प्रकल्प पर विवादित बयान को लेकर बंगाल भाजपा अध्यक्ष के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज

 

बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष के खिलाफ एक महिला ने हावड़ा के गोलाबाडी़ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
दिलीप घोष ने कथित तौर पर कहा था कि महिलाओं को भिखारिन बनाकर सड़कों पर खड़ा कराया जा रहा। ममता सरकार के प्रकल्प लक्ष्मी भंडार पर विवादित बयान को लेकर बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष के खिलाफ एक महिला ने हावड़ा के गोलाबाडी़ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। ममता सरकार के प्रकल्प 'लक्ष्मी भंडार' पर विवादित बयान को लेकर बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष के खिलाफ एक महिला ने हावड़ा के गोलाबाडी़ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। घोष ने कथित तौर पर लक्ष्मी भंडार को लेकर कहा था कि महज 500 रुपये की खातिर प्रातः चार बजे से शाम चार बजे तक महिलाओं को धूप में खड़ा होना पड़ रहा है। इसे जनसेवा नहीं कहा जा सकता। महिलाओं को भी भिखारिन बनाकर सड़कों पर खड़ा कराया जा रहा है। मोदीजी को देखिए, वे आम लोगों को हजार-हजार रुपये दे रहे हैं।घर बैठे लोगों को रुपये मिल रहे हैं।

घोष ने आगे कहा था कि 'दुआरे सरकार' प्रकल्प के नाम पर भीड़ जुटाई जा रही है। उनके इस बयान पर हावड़ा के सीतानाथ बोस लेन की रहने वाली टुसु हाजरा ने गोलाबाडी़ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।उन्होंने कहा-'इस जन कल्याणकारी प्रकल्प के लिए लाखों महिलाओं ने आवेदन किया है। दिलीप घोष ने किस अधिकार से उन्हें भिखारिन कहा है? मैंने उनके खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। मानहानि का भी मामला करूंगी। उन्हें अपने बयान के लिए सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी होगी।'

गौरतलब है कि राज्य सरकार ने दुआरे सरकार के लिए विभिन्न जगहों पर कैंप खोला है। वहां से लक्ष्मी भंडार प्रकल्प के लिए भी फार्म दिया जा रहा है। इस प्रकल्प के तहत जनरल श्रेणी की महिलाओं के बैंक खाते में प्रति माह 500 रुपये और अनुसूचित जाति, जनजाति व आदिवासी महिलाओं के बैंक खाते में 1000 रुपये राज्य सरकार की तरफ से जमा किए जाएंगे। 25 से 60 साल की उम्र वर्ग की महिलाओं को इस प्रकल्प का लाभ मिलेगा। सरकारी नौकरी करने वाली व पेंशन पाने वाली महिलाओं को यह सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।