विदेश मंत्रालय ने कहा, अफगान में फंसे भारतीयों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएंगे जाएंगे

 

विदेश मंत्रालय ने बताया, अफगान में फंसे भारतीयों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएंगे जाएंगे
विदेश मंत्रालय ने बताया कि अफगानिस्तान के काबुल में दिनोंदिन सुरक्षा की स्थिति काफी खराब हो गई है। भारत सरकार ने अफगान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए समय-समय पर सुरक्षा सलाह जारी की थी जिसमें उनकी तत्काल भारत वापसी का आह्वान भी शामिल है।

नई दिल्ली, एएनआइ। अफगानिस्तान पर तालिबान आतंकियों ने पूरी तरह से कब्जा कर लिया है। लोग अपना सामान छोड़ कर देश से निकलने की कोशिशों में लगे हुए है। काबुल एयरपोर्ट पर भगदड़ जैसी स्थिति बनी हुई है। अफगानिस्तान में फंसे भारतीयों को निकालने की कवायद में भारत सरकार लगी हुई हैं।

सरकार ने संपर्क के लिए आपातकालीन नंबर जारी किए 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता अरिंदम बागची ने बताया कि अफगानिस्तान के काबुल में दिनोंदिन सुरक्षा की स्थिति काफी खराब हो गई है। भारत सरकार ने अफगान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए समय-समय पर सुरक्षा सलाह जारी की थी, जिसमें उनकी तत्काल भारत वापसी का आह्वान भी शामिल है। हमने आपातकालीन संपर्क नंबर भी जारी किए थे और समुदाय के सदस्यों को सहायता भी प्रदान कर रहे थे।

अरिंदम बागची ने कहा कि अफगानिस्तान में अभी भी कुछ भारतीय नागरिक हैं जो स्वदेश लौटना चाहते हैं और हम उनके संपर्क में हैं। हम उन लोगों की भारत वापसी की सुविधा प्रदान करेंगे जो अफगानिस्तान छोड़ना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने कई अफगान नागरिक भी हैं जो हमारे पारस्परिक विकास, शैक्षिक और लोगों के प्रयासों को बढ़ावा देने में हमारे भागीदार रहे हैं। हम उन सभी के साथ खड़े रहेंगे।विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता ने बताया कि काबुल हवाई अड्डे से वाणिज्यिक उड़ानों को सोमवार से निलंबित कर दिया गया है। इससे हमें अपने नागरिकों को वापस लाने में रुकावट आई है। हम फिर से वाणिज्यिक उड़ानों के शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। भारत सरकार अपने नागरिकों के हितों के लिए सुरक्षित कदम उठाएगी।

सोमवार को तालिबानियों द्वारा देश की संसद पर कब्जा कर लिया गया। तो वहीं रविवार के दिन तालिबान आतंकियों ने राष्ट्रपति भवन पर भी कब्जा कर लिया था। तालिबान द्वारा देश पर कब्जा किए जाने के बाद से राष्ट्रपति अशरफ गनी और उपराष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह ने अफगानिस्तान को छोड़ दिया है।