नयागांव में पीने के पानी का संकट, टैंकर मंगवाकर गुजारा कर रहे लोग, नहीं सुनते अधिकारी

 

पानी की सप्लाई न आने पर लोगों को 300 रुपये देकर पानी का टैंकर मंगवाना पड़ता है।

नयागांव के ज्यादातर लोग पानी की समस्या को लेकर विभाग के कार्यालय चक्कर काट रहे हैं। विभाग के अधिकारी लोगों की इस समस्या से तो वाकिफ हैं लेकिन परेशानी को हल करने के लिए उचित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

 संवाददाता, नयागांव। चंडीगढ़ के साथ सटे नयागांव के लोग मूलभूत सुविधाओं के वंचित हैं। हालांकि यहां लोग अपने सपनों का आशियाना बनाने के लिए महंगे दामों में जमीन खरीदकर बस रहे हैं। इसका मुख्य कारण है कि नयागांव चंडीगढ़ के बिल्कुल सटा हुआ है। मोहाली के अधीन आने वाले नयागांव में लोग चंडीगढ़ जैसी सुविधा सोचकर यहां घर बना लेते हैं, लेकिन बाद में उन्हें पछतावा होता है। नयागांव में दिन प्रतिदिन आबादी बढ़ती जा रही है। बावजूद सुविधाएं न के बराबर हैं। नयागांव के नाडा पुल की तरफ तो हालात और ज्यादा खराब हैं। सड़कें कच्ची हैं, लावारिश मवेशियों का जमावड़ा सड़कों पर लगा रहता है, जिससे लोग खासे परेशान हैं।

वहीं, सबसे बड़ी समस्या पानी की है। नयागांव के ज्यादातर लोग पानी की समस्या को लेकर विभाग के कार्यालय चक्कर काट रहे हैं। विभाग के अधिकारी लोगों की इस समस्या से तो वाकिफ हैं लेकिन परेशानी को हल करने के लिए उचित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। नयागांव की कमांऊ कॉलोनी के लोग पानी की पर्याप्त सप्लाई न मिलने के कारण सबसे ज्यादा परेशान हैं। लोगों का आरोप है कि वाटर सप्लाई विभाग के अधिकारियों को कई बार इस परेशानी के बारे में बताया जा चुका है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। 

लो प्रेशर से हो रही पानी की सप्लाई

कमांऊ कॉलोनी की हरिओम वेलफेयर सोसायटी में रहने वाले इंद्रपाल सिटको से रिटायर हैं। इंद्रपाल का कहना है कि उन्होंने जमीन खरीदकर घर बनाया है। पानी बिजली का स्थायी कनेक्शन भी ले रखा है। बावजूद पानी की सप्लाई नहीं आ रही है। उन्होंने बताया कि हर तीसरे दिन पानी की सप्लाई दी जाती है, लेकिन उनके घर पर पानी नहीं आता। ऐसे में पानी का टैंकर मंगवाकर गुजारा करना पड़ रहा है।

हफ्ते में दो या तीन बार मंगवाना पड़ता है पानी का टैंकर

हरिओम वेलफेयर सोसायटी में रहने वाले अनिल ने बताया कि उनकी गली में पानी की सबसे ज्यादा दिक्कत है। कहने को तो पानी की सप्लाई 3 से 4 घंटे के लिए आती है, लेकिन उनके घर पर पानी की एक बूंद नहीं पहुंचती। ऐसे में बिना पानी के गुजारा करना संभव नहीं है। उनका आरोप है कि कई हफ्तों तक पानी की सप्लाई नहीं आती। इस कारण सप्ताह में दो से तीन बार पानी का टैंकर मंगवाकर काम चलाना पड़ता है।

300 रुपये में पड़ता है एक टैंकर

वहीं, इसी सोसायटी में रहने वाले विजय कुमार और सुरेश कुमार का कहना है कि बरसात के दिनों में ही पानी की समस्या हो रही है तो गर्मी के मौसम में क्या हाल होता होगा इसका अंदाजा भी लगाया जा सकता है। गर्मियों में तो पानी न के बराबर आता है। उन्होंने कहा कि पानी का टैंकर मंगवा कर गुजारा करना पड़ रहा है। 300 रुपये प्रति टैंकर कीमत चुकानी पड़ती है। लोगों का आरोप है कि कई बार अधिकारियों को अपनी इस समस्या से अवगत करवा चुके हैं लेकिन समस्या अभी तक जस की तस बनी हुई है।