रक्षाबंधन के दिन आसमान में दिख सकता है 'ब्लू मून'

 

रक्षाबंधन के दिन आसमान में दिख सकता है 'ब्लू मून'

यदि आपको चांद को ताकते रहना पसंद है तो यह खबर आपको खुशी से भर देगी! अमेरिकन एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी (American Astronomical Society) ने संकेत दिए है कि यदि इस सप्ताह के अंत में आसमान साफ ​​​​रहता है तो रविवार 22 अगस्त की पूर्णिमा ब्लू मून होगी।

नई दिल्ली, एएनआइ। यदि आपको चांद को ताकते रहना पसंद है, तो यह खबर आपको खुशी से भर देगी! अमेरिकन एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी (American Astronomical Society) ने संकेत दिए है कि यदि इस सप्ताह के अंत में आसमान साफ ​​​​रहता है, तो रविवार 22 अगस्त की पूर्णिमा 'ब्लू मून' होगी। अर्थात इस दिन आपको आसमान में नीला चांद दिखाई देगा। बता दें कि 22 अगस्त के दिन रक्षाबंधन भी होगा। यानी फेस्टिवल के दिन ब्लू मून का दीदार हो सकता है।

क्या होता है ब्लू मून

एक ब्लू मून एक अतिरिक्त फुल मून (पूर्णिमा) है, जो एक ऋतु में एक बार दिखाई देता है। कहा जाता है ब्लू मून पूर्णिमा के दिन घटित होने वाली एक घटना है। यह या तो एक ऋतु की चार पूर्णिमाओं में से तीसरी या फिर कलेंडर के अनुसार एक महीने की दूसरी पूर्णिमा की रात को प्रकट होने वाला चंद्रमा ब्लू मून होता होता है। या फिर यदि कलेंडर में एक महीने में दो पूर्णिमाएं हों तो दूसरी पूर्णिमा के चंद्रमा को ब्लू मून कहते हैं। अलग-अलग स्थानों के वातावरण के अनुसार मून के रंग में भी बदलाव आता है। जैसे कहीं यह सफेद, हल्का लाल, नारंगी या पीले रंग का भी ही दिखाई दे सकता है। ब्लू मून की पूर्णिमा को परंपरागत रूप से अतिरिक्त पूर्णिमा भी कहा जाता है।

ऐसा बहुत कम होता है जब एक साल में आमतौर पर 12 की बजाय 13 पूर्णिमा होती हैं। माना जाता है कि इस दिन मां लक्ष्मी का अवतरण हुआ था और इस दिन मां लक्ष्मी धरती पर विचरण करती है। इसलिए लिए कई लोग इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा भी करते है। वैसे तो सभी लोगों को हमेशा एक दुसरे की मदद करनी चाहिए। मगर ऐसा माना जाता है कि इस दिन किए गए दान का ज्यादा महत्व है। मालूम हो कि इससे पहले 31 अक्टूबर, 2020 को ब्लू मून का संजोग बना था।