सुरक्षा परिषद ने आतंकी संगठन आइएस के प्रति जताई चिंता

 

सुरक्षा परिषद ने आतंकी संगठन आइएस के प्रति जताई चिंता

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) के प्रति गहरी चिंता जताते हुए कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए भारी खतरा है। कोविड-19 के बहाने उसने सहायता राशियों से काफी धन बटोरा है। आइएस को जल्दी ही अंतरराष्ट्रीय आतंकी हमले करने की क्षमता मिलेगी।

संयुक्त राष्ट्र, आइएएनएस। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) के प्रति गहरी चिंता जताते हुए कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए भारी खतरा है। सुरक्षा परिषद की गुरुवार को हुई बैठक में आइएस और इसके जैसे अन्य आतंकी संगठनों के आनलाइन और आफलाइन उत्पीड़न पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि कोविड-19 के बहाने उसने सहायता राशियों से काफी धन बटोरा है। इससे आइएस को जल्दी ही अंतरराष्ट्रीय आतंकी हमले करने की क्षमता मिल जाएगी।

चीनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार आइएस अफ्रीका समेत अन्य देशों को अपना निशाना बना सकता है। इससे क्षेत्रीय स्थिरता, शांति और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा हो सकता है। दूसरी ओर, अरब प्रायद्वीप में पैर जमाने के लिए आतंकी संगठन अलकायदा को वैश्विक जेहाद के मकसद से अन्य हाई प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों की ओर से बड़े पैमाने पर सहायता भेजी जा रही है।

इसीलिए 'अलकायदा इन अरेबियन पेननसुलार' (एक्यूएपी) ने भी अफगानी आतंकी संगठन तालिबान को रोल माडल करार दिया है। उसकी जीत को जेहाद का सशक्तीकरण और लड़ाई को शरिया के तहत जायज बताया है। अलकायदा और तालिबान का संबंध भी खासा पुराना है। न्यूयार्क में 9/11 के हमले के समय से ही यह दोनों आतंकी संगठन एक-दूसरे के साथ हैं।

अफगानिस्तान में तालिबान का आतंक

गौरतलब है कि अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद वहां के हालात तेजी से बदल रहे हैं। दहशत में वहां के लोगों में आक्रोश फूटने लगा है उसके खिलाफ विरोध-प्रदर्शन का दायरा बढ़ रहा है और लोग खुलकर तालिबान को चुनौती दे रहे हैं। अफगानिस्तान के स्वाधीनता दिवस पर राजधानी काबुल समेत कई शहरों में लोग राष्ट्रीय ध्वज लेकर तालिबान के खिलाफ बाहर निकले, उसके खिलाफ प्रदर्शन किए और कुछ जगहों पर तालिबानी झंडे को फाड़कर फेंक दिया। इस दौरान तालिबान आतंकियों की गोलीबारी में कई लोगों की मौत होने की भी खबर है।