राजौरी मुठभेड़ में एक आतंकी ढेर, जेसीओ समेत सेना के दो जवान शहीद, ऑपरेशन जारी

 

इस मुठभेड़ में अभी तक एक जवान के घायल होने की सूचना है।
 आतंकवादियों की गोलीबारी का जवाब देने के साथ जवानों ने घायल दोनों जवानों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया परंतु दोनों ने इलाज के दौरान जख्मों का ताव न सहते हुए दम तोड़ दिया। अभी भी दोनों ओर से रूक-रूककर गोलीबारी का सिलसिला जारी है।

राजौरी। जिला राजौरी के सीमांत थन्नामंडी सेक्टर में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच सुबह से जारी मुठभेड़ में सेना ने एक आतंकी को ढेर कर दिया है। हालांकि इस ऑपरेशन में सेना के जूनियर कमीशन आफिसर (जेसीओ) समेत दो जवान भी शहीद हो गए। मुठभेड़ अभी भी जारी है और नियंत्रण रेखा से सटे इन जंगलों में दो से तीन आतंकियों के देखे जाने की सूचना है। फिलहाल आतंकवादियों को घेरने का प्रयास किया जा रहा है। 

लोगों की सूचना के बाद पुलिस व सेना द्वारा थन्नामंडी सेक्टर के करयोट कलास इलाके में चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाते हुए गोलीबारी शुरू कर दी। इस दौरान सेना का एक जेसीओ व एक अन्य जवान घायल हो गए। आतंकवादियों की गोलीबारी का जवाब देने के साथ जवानों ने घायल दोनों जवानों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया परंतु दोनों ने इलाज के दौरान जख्मों का ताव न सहते हुए दम तोड़ दिया। अभी भी दोनों ओर से रूक-रूककर गोलीबारी का सिलसिला जारी है। दोपहर बाद सेना एक आतंकी को मार गिराने में सफल रही। 

आतंकियों को घेरने के लिए पुलिस व सेना की अतिरिक्त टुकड़ियां मौके पर पहुंच गई हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि करयोट कलास इलाके में आज तड़के कुछ लोगों ने संदिग्ध लोगों को देखा। लोगों इस बारे में तुरंत पुलिस को सूचित किया। सूचना के आधार पर पुलिस व सेना का दल इलाके में पहुंच गया और सीमा से जुड़े जंगल में आतंकियों की तलाश शुरू कर दी।

सेना के जवानों को अपने नजदीक आता देख आतंकियों ने उन्हें निशाना बनाते हुए गोलीबारी शुरू कर दी। सेना के जेसीओ समेत एक अन्य जवान को गोली लगी और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल जवानों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने भी दोनों का इलाज शुरू कर दिया परंतु इस बीच जख्मों का ताव न सहते हुए जेसीओ ने दम ताेड़ दिया। जबकि दूसरे जवान का इलाज चल रहा है। 

सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच गोलीबारी का सिलसिला अभी भी जारी है। सूत्रों का कहना है कि जंगल में दो से तीन आतंकी हो सकते हैं। जंगल घना होने की वजह से आतंकियों तक पहुंचने में मुश्किल पेश आ रही है। आतंकी फरार न हो इसके लिए सुरक्षाबल उनकी घेराबंदी करने का प्रयास कर रहे हैं।

आतंकवादियों की घेराबंदी के लिए सेना की अतिरिक्त टुकड़ियां मौके पर पहुंच गई हैं। आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हमलों में इजाफा करने के लिए पिछले एक माह के भीतर जिला राजौरी और पुंछ में आतंकवादी घुसपैठ हुई है। इससे पहले सुरक्षाबलों ने 6 अगस्त को इसी इलाके मेंं दो आतंकवादियों को ढेर किया था।