पूर्व अफगान सांसद ने गनी पर लगाया देश से विश्वासघात का आरोप, तालीबान कब्जा के लिए गनी जिम्मेदार


अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई के चचेरे भाई जमील
अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई के चचेरे भाई जमील ने कहा कि मुझे लगता है कि काबुल में नई सरकार और नई व्यवस्था होगी। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि अगला राष्ट्रपति कौन होगा। आगे क्या होगा हर कोई इंतजार कर रहा है।

नई दिल्ली, एएनआइ। अफगानी संसद के पूर्व सदस्य जमील करजई ने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी पर देश के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि देश में जो कुछ हुआ है, उसके लिए गनी जिम्मेदार हैं। लोग उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे।

अगला राष्ट्रपति कौन होगा, आगे क्या होगा, हर कोई इंतजार कर रहा

अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई के चचेरे भाई जमील ने कहा, 'मुझे लगता है कि काबुल में नई सरकार और नई व्यवस्था होगी। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि अगला राष्ट्रपति कौन होगा। आगे क्या होगा, हर कोई इंतजार कर रहा है।'

दुनिया ने अफगानिस्तान को अकेला छोड़ दिया, महिलाएं हो जाएंगी अधिकारविहीन

वहीं, काबुल से आई एक महिला ने कहा, 'मैं विश्वास नहीं कर सकती कि दुनिया ने अफगानिस्तान को अकेला छोड़ दिया है। हमारे मित्रों को मार दिया जाएगा। वे (तालिबान) हमें मार देंगे। महिलाओं को अब कोई अधिकार नहीं मिलेंगे।' इससे पहले ट्विटर पर पोस्ट एक वीडियो संदेश में अफगानिस्तान सुप्रीम नेशनल रिकौंसिलिएशन काउंसिल के चेयरमैन अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने अशरफ गनी को पूर्व राष्ट्रपति कहकर संबोधित किया।

अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद पल-पल बदल रहे हालात

अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद पल-पल हालात बदल रहे हैं। राष्ट्रपति अशरफ गनी और अन्य नेता एवं राजनयिक अफगानिस्तान छोड़कर चले गए। तालिबान ने राष्ट्रपति भवन एआरजी को अपने कब्जे में ले लिया है। पहले आंतरिक सरकार के गठन की बात कही जा रही थी, लेकिन अब तालिबान ने अंतरिम सरकार की संभावनाओं को खारिज कर दिया। तालिबान के एक अधिकारी ने जल्द ही अफगानिस्तान को इस्लामिक अमीरात आफ अफगानिस्तान घोषित किए जाने की बात कही है।

काबुल में राष्ट्रपति भवन और अमेरिकी दूतावास के पास धमाके

अफगानिस्तान के नेताओं ने तालिबान के साथ सत्ता के शांतिपूर्ण हस्तांतरण के लिए एक परिषद का गठन किया है। काबुल में राष्ट्रपति भवन और अमेरिकी दूतावास के पास धमाके सुने गए हैं। काबुल के बाहरी कराबाग इलाके में हुए संघर्ष में 40 से ज्यादा लोगों के जख्मी होने की भी खबर है।