मुहर्रम की शुक्रवार को होगी छुट्टी, जानिये- क्या बैंक भी रहेंगे बंद

 

Muharram Holiday News: मुहर्रम की शुक्रवार को होगी छुट्टी, जानिये- क्या बैंक भी रहेंगे बंद
पूर्व में दिल्ली सरकार ने मुहर्रम को लेकर 19 अगस्त की छुट्टी घोषित की थी लेकिन बाद में 20 अगस्त की कर दी गई। दिल्ली से सटे गाजियाबाद और नोए़डा-ग्रेटर नोएडा में भी शुक्रवार को ही मुहर्रम मनाया जाएगा और इसी दिन सरकारी अवकाश भी है।

नई दिल्ली,  डिजिटल डेस्क। दिल्ली-एनसीआर समेत देशभर में शुक्रवार को मुहर्रम मनाया जाएगा। मोहर्रम का महीना इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना होता है। यह महीना शिया और सुन्नी मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह माह के 10वें दिन आशुरा मनाया जाता है। यह इस्लाम मजहब का प्रमुख त्योहार है। दरअसल, यह कोई त्योहार नहीं है, बल्कि मान्यता के अनुसार, अशुरा को मोहम्मद हुसैन के नाती हुसैन की शहादत के दिन रूप में मनाया जाता है। इस पर्व को शिया और सुन्नी दोनों मुस्लिम समुदाय के लोग अपने-अपने तरीके से मनाते हैं। वहीं,  दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार ने मुहर्रम की छुट्टी में  बदलाव किया है। पूर्व में दिल्ली सरकार ने मुहर्रम को लेकर 19 अगस्त की छुट्टी घोषित की थी, लेकिन बाद में 20 अगस्त की कर दी गई। दिल्ली से सटे गाजियाबाद और नोए़डा-ग्रेटर नोएडा में भी शुक्रवार को ही मुहर्रम मनाया जाएगा और इसी दिन सरकारी अवकाश भी है।

बता दें कि पूर्व में इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा जारी कैलेंडर के अनुसार मोहर्रम की छुट्टी 19 अगस्त को थी, लेकिन अब यह 20 अगस्त में पड़ने के कारण शुक्रवार को अवकाश रखा गया है। इस दिन बैंक भी बंद रहेंगे।

यहां पर बता दें कि शिया मुस्लिम समुदाय के लोग इस दिन बड़ी संख्या में सड़कों पर ताजिया और जुलूस निकालकर गम मनाते हैं। जुलूस के दौरान पूर्वजों की कुर्बानी की गाथाएं सुनाई जाती हैं ताकि लोग धार्मिक महत्व और जीवन मूल्यों को समझ सकें। वहीं, दिल्ली और यूपी में धारा-144 लागू होने के चलते मुहर्रम बेहद सावधानी के साथ मनाने की छूट मिली है।

क्या है मुहर्रम

इस्लाम मजहब की मान्यता के अनुसार अशुरा के दिन ही इमाम हुसैन का कर्बला की लड़ाई में मौत हुई थी और अशुरा के दिन तैमूरी रिवायत को मानने वाले मुसलमान रोजा-नमाज के साथ इस दिन ताजियों-अखाड़ों को दफन या ठंडा कर शोक मनाते हैं।

उत्तर प्रदेश में मुहर्रम को लेकर गाइडलाइन

  • धार्मिक कार्यों के लिए किसी भी स्थान पर 50 से ज्यादा लोग एकत्र नहीं होंगे।
  • लोगों को कोविड प्रोटोकॉल का भी कड़ई से पालन करना होगा।
  • सार्वजनिक रूप से ताजिया व स्थापित नहीं किए जाएंगे।
  • ताजिया व अलम अपने-अपने घरों में स्थापित करें इसपर किसी प्रकार की रोक नहीं रहेगी।