विदेश मंत्री जयशंकर आज से अमेरिका की चार दिवसीय यात्रा पर, यूएनएससी के कार्यक्रमों में लेंगे हिस्सा

 

विदेश मंत्री एस. जयशंकर की फाइल फोटो
विदेश मंत्रालय ने रविवार को यात्रा की घोषणा करते हुए कहा कि जयशंकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शांति रक्षा पर एक खुली चर्चा की भी अध्यक्षता करेंगे। तालिबान के अफगानिस्तान में कब्जा जमाने के बीच उनकी यह यात्रा हो रही है।

नई दिल्ली, प्रेट्र। विदेश मंत्री एस. जयशंकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के कई कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए सोमवार से अमेरिका की चार दिवसीय यात्रा शुरू करेंगे। इन कार्यक्रमों में आतंकवाद पर चर्चा भी शामिल है, जो सुरक्षा परिषद की भारत की अध्यक्षता में आयोजित की जाएगी।

विदेश मंत्रालय ने रविवार को यात्रा की घोषणा करते हुए कहा कि जयशंकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में शांति रक्षा पर एक खुली चर्चा की भी अध्यक्षता करेंगे। तालिबान के अफगानिस्तान में कब्जा जमाने के बीच उनकी यह यात्रा हो रही है और संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर भी चर्चा हो सकती है।

दो उच्चस्तरीय कार्यक्रमों की अध्यक्षता करेंगे एस जयशंकर

विदेश मंत्रालय ने कहा, 'विदेश मंत्री एस. जयशंकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की भारत की अध्यक्षता के दौरान न्यूयार्क की यात्रा करेंगे और 18 व 19 अगस्त को दो उच्चस्तरीय कार्यक्रमों की अध्यक्षता करेंगे।'बयान के मुताबिक, 18 अगस्त को पहला कार्यक्रम 'रक्षकों की रक्षा : प्रौद्योगिकी और शांति रक्षा' पर एक खुली चर्चा का है, जबकि 19 अगस्त को दूसरा कार्यक्रम 'आतंकवादी कृत्यों के कारण अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा को खतरा' पर एक उच्च स्तरीय चर्चा होगी।

भारत की अध्यक्षता में अफगानिस्तान को लेकर यह दूसरी बैठक

समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सोमवार सुबह बैठक होगी जिसमें अफगानिस्तान की स्थिति पर चर्चा की जाएगी, जहां सरकार गिर गई है और तालिबान ने राष्ट्रपति भवन पर कब्जा कर लिया है। परिषद में भारत की अध्यक्षता में अफगानिस्तान को लेकर यह दूसरी बैठक होगी। एस्टोनिया और नॉर्वे ने इस तत्काल सत्र का अनुरोध किया है। बैठक सोमवार को सुबह 10 बजे (स्थानीय समयानुसार) निर्धारित है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस परिषद को जानकारी देंगे।

वहीं, न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार पूर्व राष्ट्रपति अशरफ गनी के देश छोड़ने और तालिबान के राजधानी में प्रवेश के साथ अफगानिस्तान की सरकार गिर गई है।