सार्वजनिक शौचालयों को निजी हाथों में देगा निगम, लोगों से नहीं लिया जाएगा शुल्क

 

दस साल के लिए 50 शौचालय किए जाएंगे आउटसोर्स
निगम प्रशासन ने बेहतर संचालन और रखरखाव के लिए एनडीएमसी (नईदिल्ली नगर पालिका परिषद) की तर्ज पर इन्हें निजी हाथों में सौंपने की तैयारी पूरी कर ली है। योजना के मुताबिक फिलहाल 50 सार्वजनिक शौचालयों को आउटसोर्स किया जाएगा।

नई दिल्ली । पूर्वी निगम के सार्वजनिक शौचालयों की दशा खराब है। इसे सुधारने की कोशिशों समय-समय पर होती रहती हैं। अब निगम प्रशासन ने बेहतर संचालन और रखरखाव के लिए एनडीएमसी (नई दिल्ली नगर पालिका परिषद) की तर्ज पर इन्हें निजी हाथों में सौंपने की तैयारी पूरी कर ली है। योजना के मुताबिक फिलहाल 50 सार्वजनिक शौचालयों को आउटसोर्स किया जाएगा। लोगों से शौचालय उपयोग का शुल्क नहीं लिया जाएगा। बल्कि इसके बदले विज्ञापन और व्यवसायिक जगह के इस्तेमाल का अधिकार मिलेगा। इससे निगम को भी एक शौचालय से कम से कम दस लाख रुपये प्रति महीना मिलेगा। निगम अधिकारियों का कहना है कि इससे रखरखाव और प्रबंधन बेहतर हो जाएगा। साथ ही लोगों के साथ निगम को भी फायदा मिलेगा।

निगमायुक्त विकास आनंद ने बताया कि इसके लिए 15 सितंबर, 2021 तक निगम की वेबसाइट पर अनुरोध प्रस्ताव (रिक्वेस्ट फार प्रपोजल) भेजा जा सकता है। उन्होंने बताया कि इन 50 सार्वजनिक शौचालय परिसर/जन शौचालय परिसर के आकार के अनुसार चयनित आउटसोर्स एजेंसी को विज्ञापन लगाने और व्यवसायिक इस्तेमाल के लिए जगह दी जाएगी।

विकास आनंद ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत पिछले छह वर्षों के भीतर पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने अपने अधिकार क्षेत्र में शौचालयों की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार किया है। शौचालयों के बेहतर रखरखाव के लिए वार्ड स्तर के अधिकारियों और स्वच्छता अधीक्षकों की एक टीम गठित की गई है जो अपने-अपने वार्डों में शौचालयों का समय पर उचित रख-रखाव और सफाई सुनिश्चित करती है। 20 मार्च 2019 को पूर्वी दिल्ली नगर निगम को खुले में शौच मुक्त के रूप में प्रमाणित किया जा चुका है, जोकि एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इसी दिशा में सकारात्मक रूप से कार्य करते हुए शौचालयों के और बेहतर संचालन और रखरखाव के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पूर्वी दिल्ली नगर निगम द्वारा की गई यह पहल सार्वजनिक शौचालयों के उपयोग की अवधारणा बदलेगी और नागरिकों को क्षेत्र में साफ-स्वच्छ शौचालय उपलब्ध होंगे।

टूटे-फूटे शौचालय का करना होगा निर्माण

निगम अधिकारियों ने बताया कि इस योजना में डिजाइन में बदलाव करने, पुन: निर्माण करने की भी बात कही गई है। अगर कोई जर्जर हालत में है तो उसका निर्माण किया जाएगा। उसमें कुछ हिस्सा व्यवसायिक इस्तेमाल के लिए भी दिया जाएगा। इसके अलावा दीवारों पर विज्ञापन लगा सकते हैं। एनडीएमसी में यह योजना सफल रही है इसलिए इसे अब यहां अपनाया जा रहा है।

योजना सफल रही तो और शौचालय भी होंगे आउटसाेर्स

निगम की यह योजना सफल रही तो आगे और शौचालयों को भी आउटसोर्स किया जा सकता है। पूर्वी निगम के शाहदरा उत्तरी और दक्षिणी जोन में करीब 348 सार्वजनिक शौचालय परिसर हैं। निगम अधिकारियों के मुताबिक करीब 20 फीसद शौचालयों को आउटसोर्स किया जा सकता है।