स्वतंत्रता दिवस पर जंगलमहल में मिले माओवादी पोस्टर और काले झंडे

 


स्वतंत्रता दिवस पर जंगलमहल में मिले माओवादी पोस्टर और काले झंडे। फाइल फोटो
 बंगाल के जंगलमहल क्षेत्र के पुरुलिया जिले में माओवादी पोस्टर और काले झंडे रविवार को मिले हैं। कभी माओवादियों का गढ़ रहे पुरुलिया के अयोध्या पहाड़ इलाके में मिले माओवादियों के पोस्टर में महिलाओं पर अत्याचार सहित कई बातें लिखी थीं।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बंगाल के जंगलमहल क्षेत्र के पुरुलिया जिले में माओवादी पोस्टर और काले झंडे रविवार को मिले हैं। कभी माओवादियों का गढ़ रहे पुरुलिया के अयोध्या पहाड़ इलाके में मिले माओवादियों के पोस्टर में महिलाओं पर अत्याचार सहित कई बातें लिखी थीं। साथ ही, स्वतंत्रता दिवस के विरोध में जगह-जगह काले झंडे लगाए गए थे। ग्रामीणों ने इसके बारे में पुलिस को सूचना दी। पिछले करीब आठ साल से जंगलमह में माओवादी गतिविधियां लगभग बंद है। हालांकि, बीच-बीच में माओवादी पोस्टर मिलते रहे हैं। रविवार को रानीबंध क्षेत्र के जटादुमुर समेत जंगलमहल के लोगों ने माओवादी लिखे पोस्टर देखा। जिसकी सूचना बारिकुल थाने की दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पोस्टर हटा दिए और जांच शुरू कर दी है।

बागमुंडी बलरामपुर के पूर्व माओवादियों को नौकरी न देने पर फिर से माओवादी दस्ते में शामिल होने की भी धमकी दी गई है। कुछ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कुछ आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों ने नौकरी पाने के लिए ऐसा कर रहे हैं। इससे पहले इसी तरह के पोस्टर झालदा इलाके में मिल थे। जंगलमहल के इलाके बांकुड़ा, पुरुलिया, झाड़ग्राम और पश्चिम मेदिनीपुर जिले का यह इलाका माओवादी हिंसा प्रभावित था। इस इलाके में माओवादियों की काफी पकड़ थी, लेकिन 2011 में माओवादी कमांडर कोटेश्वर राव उर्फ किशन की पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने और दर्जनों माओवादियों द्वारा आत्मसमर्पण किए जाने के बाद से जंगलमहल में शांति है। 

गौरतलब है कि बंगाल में कभी माओवादियों का गढ़ रहे जंगलमहल में फिर से भय का वातावरण तैयार किया जा रहा है। यह दावा दिसंबर, 2020 में झारग्राम जिले के गोपिबल्लवपुर के नोटा अंचल भाजपा की सभा को संबोधित करते हुए पूर्व आइपीएस अधिकारी और बंगाल भाजपा की उपाध्यक्ष भारती घोष ने किया। उन्होंने कहा कि छत्रधर महतो के नेतृत्व में जंगलमहल को आतंक के इलाके में बदलने की कोशिश की जा रही है। वह यहां बीच-बीच में आकर लोगों को भय दिखाकर आतंक फैलाया जा रहा है।