आंध्र प्रदेश और ओडिशा के बीच एक ग्राम पंचायत पर दावे को लेकर बढ़ा तनाव आंध्र प्रदेश और ओडिशा के बीच एक ग्राम पंचायत को लेकर बढ़ा तनाव।

 ओडिशा प्रशासन ने स्कूलों में शिक्षण का माध्यम तेलगू से बदलकर कर दिया ओडिया। आंध्र प्रदेश से 500 लोग कोटिया पंचायत के फटूसुनेरी गांव जाएंगे और आयोजन करेंगे। विधायक के इस कदम का ओडिशा के सभी राजनीतिक दलों के नेता विरोध कर रहे हैं।

 जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के सीमावर्ती ओडिशा के कोरापुट जिले में आंध्र प्रदेश की सीमा से सटे कोटिया ग्राम पंचायत पर दोनों राज्यों के दावे से फिर तनाव की स्थिति बन गई है। आंध्र प्रदेश के सालूर के विधायक राजन दारा ने आगामी सोमवार को वहां कुछ सरकारी भवनों का भूमिपूजन, ग्रामीणों को भूमि का पट्टा वितरण, पौधारोपण आदि कार्यक्रम करने का एलान किया है। साथ ही दावा किया है कि आंध्र प्रदेश से 500 लोग कोटिया पंचायत के फटूसुनेरी गांव जाएंगे और आयोजन करेंगे। विधायक के इस कदम का ओडिशा के सभी राजनीतिक दलों के नेता विरोध कर रहे हैं। ओडिशा के कोरापुट के पूर्व भाजपा सांसद जयराम पांगी, कांग्रेस नेता ताराप्रसाद बहनीपति, भाजपा विधायक प्रीतम पाढ़ी इसके विरोध में उतर गए। उधर, ओडिशा प्रशासन ने गांव के स्कूल में शिक्षण का माध्यम तेलगू से बदलकर ओडिया कर दिया है। ओडिशा के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने 16 अगस्त को इस इलाके का दौरा किया था। मामला बिगड़ता देख कोरापुट प्रशासन ने 11 अधिकारियों को न्यायिक शक्ति प्रदान करते हुए वहां तैनात कर दिया है।

सीमा पर पुलिस बल भी लगाया गया है। ओडिशा के फटूसुनेरी व आंध्र के नंदग्राम के बीच बैरीकेड लगाए गए हैं। हाल ही में असम व मिजोरम के बीच सीमा विवाद पर हुई ¨हसक झड़प के मद्देनजर कोटमी सीमा पर प्रशासन चौकस है। कोरापुट कलेक्टर अब्दाल एम अख्तर ने कहा कि किसी को भी कानून व्यवस्था बिगाड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस इलाके के ग्रामीण दोनों राज्यों के विकास कार्यक्रमों का फायदा उठा रहे हैं। ग्रामीणों के पास दो राशन कार्ड, दो वोटर आइडी हैं। उन्हें दो राज्यों से पेंशन, दो राज्यों से बीपीएल का चावल आदि मिल रहा है। इससे वहां संवैधानिक संकट खड़ा हो गया है। यह है विवाद कोटिया ग्राम पंचायत पर आंध्र प्रदेश और ओडिशा दोनों हक जताते हैं। यह मामला 1968 से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। कोर्ट ने दोनों राज्यों से यथास्थिति बनाने को कहा है, पर बीच-बीच में राजनीतिक हस्तक्षेप से हालात बिगड़ते रहे हैं। कोटिया ग्राम पंचायत ओडिशा के नारायणपटना ब्लाक में है। इसकी सीमाएं आंध ्रप्रदेश के विजयनगरम जिले के सालूर ब्लाक के गांवों से सटी हैं। कोटमी पंचायत में 28 गांव हैं। 1936 में जब ओडिशा राज्य बना तब कोटमी के 21 गांवों का राजस्व सर्वे नहीं हो पाया। 1955 में आंध्रप्रदेश अस्तित्व में आया तब भी इन गावों का सर्वे नहीं किया गया। आंध्र के गठन के बाद से ही दोनों राज्य इस इलाके पर अपना-अपना दावा जताते रहे हैं।