हरियाणा के शिक्षकों को भाया चंडीगढ़, डेपुटेशन पर पांच साल होने पर भी गृह राज्य जाने को तैयार नहीं

 

हरियाणा शिक्षा विभाग ने चंडीगढ़ शिक्षा विभाग से दूसरी बार सहमति मांगी है।
हरियाणा के शिक्षकों को चंडीगढ़ शिक्षा विभाग भा गया है। शिक्षकों को सिटी ब्यूटीफुल ऐसा भाया कि अब वह शहर छोड़कर नहीं जाना चाहते। हरियाणा से डेपुटेशन पर चंडीगढ़ आए शिक्षक अब अपने गृह राज्य वापस नहीं जाना चाहते।

 चंडीगढ़। हरियाणा के शिक्षकों को चंडीगढ़ शिक्षा विभाग भा गया है। शिक्षकों को सिटी ब्यूटीफुल ऐसा भाया कि अब वह शहर छोड़कर नहीं जाना चाहते। हरियाणा से डेपुटेशन पर चंडीगढ़ आए शिक्षक अब अपने गृह राज्य वापस नहीं जाना चाहते। हरियाणा शिक्षा विभाग ने प्रदेश में खाली पड़े एक-तिहाई प्रिंसिपल और हेडमास्टर के पदों को भरने के लिए चंडीगढ़ शिक्षा विभाग से दूसरी बार सहमति मांगी, लेकिन हैरत की बात है कि कोई भी अध्यापक वापस जाने की इच्छा नहीं जता रहा।

हरियाणा शिक्षा विभाग द्वारा मांगी गई सहमति में कहा गया है कि सात से आठ पद संस्कृत काडर से प्रिंसिपल और हेडमास्टर के पद भरने है। चंडीगढ़ में कार्यरत यदि कोई संस्कृत अध्यापक प्रमोशन चाहता है तो वह सहमति दे। चंडीगढ़ में हरियाणा से तीन संस्कृत टीजीटी अध्यापक तैनात हैं लेकिन उनमें से किसी ने भी अध्यापक ने वापस जाने की सहमति नहीं दी है। इसके चलते जहां पर हरियाणा शिक्षा विभाग खुद के स्कूलों को चलाने के लिए परेशान हो रहा है तो वहीं चंडीगढ़ में यूटी काडर के टीचर्स भी डेपुटेशन टीचर्स के रैवये से परेशान हैं।

69 से मांगी सहमति, 18 ने भरी हामी, 14 ने वापसी के लिए किया इंकार

संस्कृत काडर से पहले हरियाणा शिक्षा विभाग ने मई 2021 में जेबीटी और टीजीटी अध्यापकों से प्रमोशन की सहमति मांगी थी। उस समय चंडीगढ़ शिक्षा विभाग में 69 अध्यापकों को प्रमोशन मिल सकती थी लेकिन 18 ने ही प्रमोशन के लिए हामी भरी। हरियाणा शिक्षा विभाग ने जब 18 टीचर्स की प्रमोशन की तो 14 टीचर्स ने प्रमोशन लेने के बावजूद चंडीगढ़ छोड़ हरियाणा वापिस जाने से इंकार कर दिया। 14 टीचर्स ने क्लियर किया कि उन्हें प्रमोशन दी जाए लेकिन आर्थिक लाभ न दिया जाए, जब वह चाहे तो पेरेंट्स स्टेट ज्वाइन कर लेंगे।

यूटी काडर के टीचर्स के लिए परेशानी

हरियाणा और पंजाब के टीचर्स तीन साल के लिए डेपुटेशन पर चंडीगढ़ में आते है लेकिन शहर के स्कूलों में अनेक ऐसे अध्यापक है जो कि 10 से 15 सालों से पदों पर जमे हुए है। डेपुटेशन पर कार्यरत अध्यापकों की वरिष्ठता सूची सिर्फ पेरेंट्स स्टेट में ही मान्य होती है लेकिन वह उसे शहर के स्कूलों में भी जबरदस्ती चलवाते है जिसके चलते यूटी काडर के टीचर्स काे प्रमोशन का लाभ नहीं मिल पाता और वह बिना प्रमोशन के ही सेवानिवृत हो जाते हैं।