दिल्ली में साथियों के साथ सिविल डिफेंस वालंटियर ने चाकू की नोंक पर युवक को लूटा, गिरफ्तार

 

पीड़ित से मारपीट कर गूगल पे के खाते से मंगवाई 71 हजार रुपये की रकम
जिला पुलिस उपायुक्त प्रियंका कश्यप ने बताया कि 12 अगस्त को गाजीपुर पुलिस को एक लूट की काल मिली थी। इंस्पेक्टर यूनुस जावेद और उनकी टीम मौके पर पहुंची। पीड़ित सक्षम अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि वह नोएडा रहते हैं।

नई दिल्ली,  संवाददाता। गाजीपुर इलाके में चाकू की नोक पर युवक के साथ हुई लूट की गुत्थी को गाजीपुर और मधु विहार एसीपी की संयुक्त टीम ने मिलकर सुलझा लिया है। बदमाशों की पहचान मयूर विहार निवासी सुवोजित आचार्य और अंकित अग्रवाल के रूप में हुई है। पुलिस इनके दो साथी हनी और निक्की की तलाश कर रही है। सुवोजित सिविल डिफेंस वालंटियर हैं। पुलिस ने पकड़े गए बदमाशों के पास से लूट के 50 हजार रुपये, मोबाइल और बैग बरामद किया है।

जिला पुलिस उपायुक्त प्रियंका कश्यप ने बताया कि 12 अगस्त को गाजीपुर पुलिस को एक लूट की काल मिली थी। इंस्पेक्टर यूनुस जावेद और उनकी टीम मौके पर पहुंची। पीड़ित सक्षम अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि वह नोएडा रहते हैं और अपने एक दाेस्त को मयूर विहार फेज-3 छोड़ने आए थे।

दोस्त को छोड़ने के बाद वह कोंडली स्थित स्मृति वन पार्क के पास खड़े होकर नोएडा जाने वाली सवारी का इंतजार कर रहे थे, इस दौरान वह सिगरेट पी रहे थे। तभी उनके पास एक युवक आया और उनसे सिगरेट मांगने लगा। उन्होंने युवक को सिगरेट दे दी, युवक ने पीड़ित को झांसा दिया कि वह उन्हें नोएडा छोड़ देगा और पीड़ित को अपने साथ पार्क के अंदर ले गया। पार्क में पहले से ही युवक के तीन साथी घात लगाए बैठे थे, चारों ने युवक के साथ चाकू की नोक पर लूटपाट शुरू कर दी। युवक के पास कुछ ही नकदी थी, बदमाशों ने नकदी लूटी।

इसके बाद फोन के जरिये उसके बैंक खाते से अपने खाते में रकम जमा करवाई, जब पीड़ित की खाते से रकम भेजने की सीमा खत्म हो गई तो बदमाशों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। युवक से कहा अगर उसे जान बचानी है तो वह अपने दोस्तों से गूगल पे से उनके खाते में रकम मंगवाए।

पीड़ित बुरी तरह से डर गया और अपने तीन दोस्तों से बदमाशों के गूगल पे के खाते में रकम मंगवाई। 71 हजार की रकम खाते में पहुंचने पर बदमाश युवक का फोन व अन्य सामान लूटकर फरार हो गए। इस बीच युवक ने एक बदमाश के फोन की स्क्रीन पर एक पुलिसकर्मी का फोटो लगा देखा।

पुलिस ने पीड़ित के बयान पर केस दर्ज किया और एसीपी अक्षत कौशल व यूनुस जावेद के नेतृत्व में दो टीमें बनाई। पुलिस ने पीड़ित के दाेस्तों से बात की उन्होंने किस नंबर पर रकम भेजी है, नंबर की जांच की तो पुलिस को पता चला वह किसी सुुवोजित आचार्य के नाम पर पंजीकृत है। पुलिस जांच करते सुवोजित के घर पहुंची और जाल बिछाया। जैसे ही सुवोजित अपने साथी के साथ पहुंचा पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। सुवोजित की तैनाती मयूर विहार के एक टीकाकरण केंद्र पर थी।