अगर पौधे हैं बीमार तो घबराएं नहीं, सीधा इन प्लांट क्लीनिक में जाएं, प्लांट डॉक्टर मिलेगा-इलाज भी होगा

 

जम्मू संभाग के सभी 10 जिलों में प्लांट हेल्थ क्लीनिक की संख्या 40 हो गई है।
प्लांट हेल्थ क्लीनिक जम्मू के इंचार्ज अरुण खजूरिया का कहना है कि अब किसान भी जागृत होने लगे हैं। जब भी फसल में कोई खराबी होने लगती है तो किसान सीधे बीमार पौधे का सैंपल लेकर प्लांट हेल्थ क्लीनिक या ई प्लांट क्लीनिक पर पहुंच जाते हैं।

जम्मू,  संवाददाता । जैसे इंसान के स्वास्थ्य की जांच के लिए आज जगह-जगह अस्पताल हैं, डाक्टर हैं। ऐसे ही पौधों की दुनिया में भी बदलाव आ रहा है। भले ही जगह-जगह न सही मगर जिला स्तर पर तो पौधे के कईं क्लीनिक खुल ही आए हैं। जम्मू संभाग की ही बात करें तो यहां के सभी 10 जिलों में प्लांट हेल्थ क्लीनिक की संख्या 40 हो गई है। जम्मू शहर में पहला प्लांट हेल्थ क्लीनिक 2010 में खुला था। जबकि ई प्लांट क्लीनिक की शुरूआत 2016 में हुई थी। अब जम्मू जिले में ही 7 ई प्लांट क्लीनिक काम कर रहे हैं। सांबा, ऊधमपुर व कठुआ में 5-5 ई प्लांट क्लीनिक काम कर रहे हैं। राजौरी में 6 ई प्लांट क्लीनिक स्थापित किए जा चुके हैं। किश्तवाड व रियासी मेें दो-दो व डोडा, रामबन व पुंछ में तीन-तीन ई प्लांट क्लीनिक स्थापित हो चुके हैं। पौधों के क्लीनिक की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। क्योंकि सरकार समझ गई है कि इंसान के साथ साथ पेड़ पौधों की सेहत का भी ख्याल रखना होगा। तभी खेत-खलिहान खिल खिलाएंगे और भरपूर पैदावार देंगे।

कैसे काम होता है प्लांट क्लीनिक में

प्लांट क्लीनिक ऐसे ही है जैसे कि इंसानों के लिए अस्पताल है जहां डॉक्टर मरीज के शरीर की जांच करता है और इलाज करता है। प्लांट क्लीनिक में बीमार पौधे की बीमारी की जांच व इलाज होता है। किसान बीमार पौधे के सेंपल लेकर आते हैं। यहां तैनात पौध डाक्टर पौधे का सेंपल लेकर पहले उसका पंजीकरण करता है। फिर फाइल बनती है और पौधे पर आई बीमारी की जांच के लिए प्रक्रिया शुरू हो जाती है। इसके लिए प्लांट क्लीनिक जम्मू व ई प्लांट क्लीनिक पर कई प्रकार के उपकरण उपलब्ध है। पौधे का जांच कर बीमारी का पता लगाने में एक घंटे से तीन दिन तक का समय लग जाता है। बीमारी का पता चलते ही पौधे के रिपोर्ट कार्ड में यह सब बातें लिखी जाती हैं और साथ ही पौधे के इलाज की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। किसान को प्लांट डॉक्टर जरूरी दवाएं लिखकर देता है। यह जानकारी किसान के मोबाइल पर एसएमएस के जरिए भी दी जाती है।

jagran

कब कब खुलें रहेंगे यह प्लांट क्लीनिक

वैसे जम्मू स्थित प्लांट हेल्थ क्लीनिक रोज सुबह 10 बजे से शाम साढ़े चार बजे तक खुला रहता है जहां कोई भी बीमार पौधे लेकर आ सकता है। लेकिन दूर दराज के क्षेत्र में खोले गए ई प्लांट क्लीनिक महीने में दो दिन ही लोगों के लिए खुले रहते हैं।

हर दूसरे व चौथे बुधवार को यह क्लीनिक खुलते हैं जहां किसान पौधे के सेंपल लेकर जा सकते हैं। हर प्लांट हेल्थ क्लीनिक पर पौध डाक्टर की तैनाती की गई है। सीएबी इंटरनेशनल एजेंसी द्वारा समय-समय पर प्रशिक्षण दिलाकर प्लांट डॉक्टरों को पौधों से संबंधित लगने वाली नई-नई बीमारियों की भली भांति जानकारी भी दी जाती है।

बदल रही फिजा

प्लांट हेल्थ क्लीनिक जम्मू के इंचार्ज अरुण खजूरिया का कहना है कि अब किसान भी जागृत होने लगे हैं। जब भी फसल में कोई खराबी होने लगती है तो किसान आसपास के दुकानदारों या दूसरे लोगों से इलाज की सलाह लेने की बजाए सीधे बीमार पौधे का सैंपल लेकर प्लांट हेल्थ क्लीनिक या ई प्लांट क्लीनिक पर पहुंच जाते हैं। यह बदलाव का संकेत है। पहले किसान लोगों या दुकानदारों से ही सलाह लेकर दवाओं का इस्तेमाल फसल कर शुरू कर देता था। इससे कई बार फसलों का इलाज होने की बजाए उल्टे नुकसान होना शुरू हो जाता था। क्योंकि जब तक बीमारी का सही तरीके से पता नहीं चलेगा, इलाज कैसे शुरू किया जा सकता है। इसलिए प्लांट हेल्थ क्लीनिक खुलने से किसान जागरूक हुआ है।