ज्योतिरादित्य सिंधिया बोले- काबुल से एयरस्पेस बंद होने के बाद भी IAF के विमान ने अफगानिस्तान के लिए भरी उड़ान

 

सिंधिया बोले- काबुल से एयरस्पेस बंद होने के बाद भी IAF के विमान ने अफगानिस्तान के लिए भरी उड़ान
केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मुश्किल की इस घड़ी में काबुल में एयरस्पेस बंद होने के बाद भी आइएएफफ का C130 हरक्यूलिस ग्लोबमास्टर विमान ने अफगानिस्तान के लिए उड़ान भरी थी। भारतीय सेना द्वारा अफगानिस्तान में फंसे भारतीयों को निकालने का काम जारी है।

नई दिल्ली, एएनआइ। अफगानिस्तान पर 15 अगस्त 2021 को तालिबान ने कब्जा कर लिया। इसके बाद भारत समेत दुनिया के तमाम देश अपने नागरिकों को वहां से निकलाने के लिए अभियान में जुटे हुए हैं। इस अभियान में भारत की तरफ से भी राजधानी काबुल के लिए आइएएफ के विमान को भेजा गया था। केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि मुश्किल की इस घड़ी में काबुल में एयरस्पेस बंद होने के बाद भी आइएएफ का C130 हरक्यूलिस ग्लोबमास्टर विमान ने अफगानिस्तान के लिए उड़ान भरी थी।

भारतीयों को अफगानिस्तान से निकालने के लिए काम जारी

भारतीय सेना द्वारा अफगानिस्तान में फंसे भारतीयों को निकालने का काम जारी है। इसमें भारतीय वायुसेना की अहम भूमिका रही है। साथ ही मंत्री ने कहा कि भारतीय नागरिकों को सुरक्षित लाने का प्रयास जारी है। मंत्री ने आगे कहा कि हमारे लोगों को सुरक्षित वापस लाने के लिए उड़ानें चल रही है। बता दें कि कुछ दिन पहले 120 भारतीयों को अफगानिस्तान से सुरक्षित स्वदेश लाया गया था।

अमेरिका ने 7,000 लोगों को किया एयरलिफ्ट

वहीं अमेरिका ने 14 अगस्त से 7,000 लोगों को एयरलिफ्ट किया है। इसके अलावा जुलाई के अंत से 12,000 लोगों को निकाला गया है। अमेरिकी प्रवक्ता नेड प्राइस ने बताया कि काबुल हवाई अड्डे के आसपास 5,200 अमेरिकी सैनिक जमीन पर तैनात हैं'। 

तालिबान के खिलाफ लोगों का गुस्सा, नाटो ने बुलाई आपातकालीन बैठक

बता दें कि अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद से वहां के हालात बदल रहे हैं। दहशत में लोगों में आक्रोश फूटने लगा है उसके खिलाफ विरोध-प्रदर्शन का दायरा बढ़ रहा है। इतना ही नहीं लोग खुलकर तालिबान को चुनौती दे रहे हैं। बीते दिन तालिबान ने अफगानिस्तान के स्वतंत्रता दिवस भी मनाया गया। हालांकि, राजधानी काबुल समेत कई शहरों में लोग राष्ट्रीय ध्वज लेकर तालिबान के खिलाफ बाहर निकले और उनके खिलाफ प्रदर्शन किया। आज अफगानिस्तान के गंभीर संकट को देखते हुए नाटो की आपातकालीन बैठक है। इस बैठक में वहां के हालात को लेकर विचार किया जाएगा।