पाकिस्तान में फिर से तोड़ी गई महाराजा रणजीत सिंह की प्रतिमा, कट्टरपंथी समूह TLP से जुड़ा एक शख्स गिरफ्तार

  


पाकिस्तान में फिर से तोड़ी गई महाराजा रणजीत सिंह की प्रतिमा, कट्टरपंथी समूह TLP से जुड़ा एक शख्स गिरफ्तार
Publish Date:Tue, 17 Aug 2021 03:28 PM (IST)Author: Nitin Arora

कट्टरपंथी समूह तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान के सदस्यों ने लाहौर में महाराजा रणजीत सिंह की प्रतिमा को तोड़ दिया। पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले शख्स को हिरासत में ले लिया है। यह तीसरी बार है जब उच्च सुरक्षा लाहौर किला परिसर में स्थित महाराजा की प्रतिमा को तोड़ा गया है।

इस्लामाबाद, एजेंसी। कट्टरपंथी समूह तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान के सदस्यों ने मंगलवार को लाहौर में महाराजा रणजीत सिंह की प्रतिमा को तोड़ दिया। पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले शख्स को हिरासत में ले लिया है। यह तीसरी बार है जब उच्च सुरक्षा लाहौर किला परिसर में स्थित महाराजा की प्रतिमा को तोड़ा गया है।

वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स महाराजा रणजीत सिंह की प्रतिमा को तोड़ता हुआ नजर आ रहा था। इसके बाद उसके साथ के अन्य लोगों ने उस शख्स को रोका और प्रतिमा से दूर ले गए।

महाराजा की 180वीं पुण्यतिथि को चिह्नित करने के लिए जून 2019 में लाहौर किले में कोल्ड ब्रोंज से बनी नौ फीट की प्रतिमा का अनावरण किया गया था। सिख साम्राज्य के पहले महाराजा सिंह ने करीब 40 वर्षों तक पंजाब पर राज किया। 1839 में उनकी मृत्यु हो गई थी।

प्रतिमा में शाही महाराजा रणजीत सिंह को घोड़े पर बैठे, हाथ में तलवार, सिख पोशाक में दिखाया गया है। इसके अनावरण के ठीक दो महीने बाद, तहरीक-ए-लब्बैक के दो सदस्यों द्वारा प्रतिमा को तोड़ दिया गया था। पुलिस ने दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया था। वे एक विकलांग व्यक्ति और उसके सहायक के रूप में किले में दाखिल हुए। पैर की विकलांगता का नाटक करने वाले व्यक्ति ने मूर्ति को छड़ी से हमला किया था, जबकि दूसरे व्यक्ति ने उसकी मदद की। हमले में मूर्ति का एक हाथ और अन्य हिस्सा टूट गया था।

पुलिस ने कहा था कि हमलावरों का मानना था कि मुस्लिम देश में सिख शासक की मूर्ति लगाना उनके धर्म के खिलाफ है। हाथ में तलवार लिए अपने पसंदीदा घोड़े कहार बहार पर बैठे सिख शासक की मूर्ति को पूरा करने में आठ महीने का समय लगा। घोड़ा बरज़काई वंश के संस्थापक दोस्त मोहम्मद खान का एक उपहार था। बता दें कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की निशानियों पर कट्टरपंथी निशाना साधते रहे हैं।