100 परसेंटाइल लाकर रुचिर ने जेईई मेन में किया टाप, रोजाना दस से 12 घंटे की करते थे तैयारी

 

रुचिर बंसल ने कहा अब जेईई एडवांस टाप करने का लक्ष्य।

 बंसल ने ज्वाइंट एंट्रेस एग्जामनेशन (जेईई) मेन में 100 परसेंटाइल अंक हासिल कर देश भर में टाप किया है। रुचिर को इस परीक्षा में 300 में 300 अंक मिले हैं। उन्होंने बताया कि चार चरणों में हुई इस परीक्षा वो केवल तीन चरणों में ही शामिल हुए थे।

नई दिल्ली । दिल्ली के पंडारा रोड के रहने वाले रुचिर बंसल ने ज्वाइंट एंट्रेस एग्जामनेशन (जेईई) मेन में 100 परसेंटाइल अंक हासिल कर देश भर में टाप किया है। रुचिर को इस परीक्षा में 300 में 300 अंक मिले हैं। उन्होंने बताया कि चार चरणों में हुई इस परीक्षा वो केवल तीन चरणों में ही शामिल हुए थे।

हर दिन करते थे दस से बारह घंटे की पढ़ाई

चौथे चरण की परीक्षा उन्होंने नहीं दी थी। रुचिर ने बताया कि उन्होंने परीक्षा की तैयारी के लिए एनसीईआरटी की किताबों और कोचिंग से मिले नोट्स का सहारा लिया। वो रोजाना दस से 12 घंटे परीक्षा की तैयारी के लिए देेते थे। उन्होंने कहा कि जेईई मेन में टाप करने के बाद उनका लक्ष्य अब जेईई एडवांस परीक्षा में टाप कर आइआइटी में दाखिला लेना है। उन्होंने कहा कि उनकी पहली पसंद आइआइटी दिल्ली है जहां से वो आगे की पढ़ाई करना चाहते हैं। उन्होंने चाणक्यपुरी स्थित संस्कृति स्कूल से 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है।

बड़े भाई को देते हैं सफलता का श्रेय

वहीं, बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ उन्होंने जेईई की तैयारी के लिए विद्यामंदिर क्लासेस से कोचिंग ली थी। अपनी इस सफलता का श्रेय अपने बड़े भाई को देते हुए उन्होंने कहा कि उनके भाई ही उनके प्रेरणा स्त्रोत है। उनके पिता संजय बंसल आइआरएस अधिकारी और माता गृहणी हैं।

गणित के सवाल थोड़े मुश्किल थे

परीक्षा के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए रुचिर ने बताया कि उन्होंने भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित तीनों की बेहतर तैयारी की थी। लेकिन उनको रसायन विज्ञान के सवाल थोड़े आसान लगे क्योंकि वो सीधे- सीधे ही पूछे गए थे। उन्होंने कहा कि रसायन विज्ञान स्कोरिंग भी होता था।

पूरे अंक हासिल करने का रखें लक्ष्य 

छात्र अक्सर परीक्षा की तैयारी करते समय इस विषय को नजरअंदाज करते हैं क्योंकि वो कार्बनिक रसायन विज्ञान से जल्दी घबरा जाते हैं। लेकिन, यही एक ऐसा विषय है जिसमें अच्छी तैयारी से पूरे अंक हासिल किए जा सकते हैं और इसमें सवाल भी ज्यादा घूमा फिरा के नहीं पूछे जाते। उनके मुताबिक वो इस विषय की तैयारी शुरू से ही करते हुए चल रहे थे। उन्होंने प्रमुख रासायनिक पदार्थ और उनके सूत्र को नोट्स बना कर रोजाना याद किया। उन्होंने कहा कि गणित और भौतिकी के सवाल थोड़े मुश्किल थे, लेकिन तैयारी बेहतर थी तो हल हो गए। पढ़ाई के साथ-साथ रुचिर को किताबें पढ़ना और जागिंग करना पसंद है। वह आगे चलकर कंप्यूटर के क्षेत्र में कार्य करना चाहते हैं ताकि समाज की जरूरत को देखते हुए नई तकनीकों को विकसित कर सके।