लोहे के कबाड़ से पिता और पुत्र की जोड़ी ने बनाई 14 फीट ऊंची पीएम मोदी की प्रतिमा

 

पीएम मोदी की इस प्रतिमा को देखकर कई लोग कर रहे इनकी सराहना
कारीगर पिता और पुत्र की जोड़ी कटुरी वेंकटेश्वर राव और रविचंद्र हैं जो तेनाली कस्बे में सूर्य शिल्पा शाला चलाते हैं। ये दोनों पिता-पुत्र नट और बोल्ट के माध्यम से लोहे की बेकार पड़ी सामग्री यानी कबाड़ से मुख्य रूप से मूर्तियां बनाने के लिए प्रसिद्ध हैं।

गुंटूर, एएनआइ। आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के तेनाली कस्बे के कारीगरों ने लोहे के कबाड़ (Scrap) से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 14 फीट की मूर्ति बनाई है। कारीगर पिता और पुत्र की जोड़ी कटुरी वेंकटेश्वर राव और रविचंद्र हैं जो तेनाली कस्बे में 'सूर्या शिल्प शाला' चलाते हैं। ये दोनों पिता-पुत्र नट और बोल्ट के माध्यम से लोहे की बेकार पड़ी सामग्री यानी कबाड़ से मुख्य रूप से मूर्तियां बनाने के लिए प्रसिद्ध हैं।

कटुरी वेंकटेश्वर राव ने कहा कि लोहे के कबाड़ से मूर्तियां बनाने में हमारी अंतरराष्ट्रीय पहचान है। हमने पिछले 12 सालों से लगभग 100 टन लोहे के स्क्रैप का उपयोग करके कलात्मक मूर्तियां बनाई हैं।

उन्होंने कहा कि हाल ही में हमने विश्व रिकॉर्ड के लिए 75,000 नट्स का उपयोग करके 10 फीट ऊंची महात्मा गांधी की मूर्ति तैयार की है। इसे देखकर बैंगलोर स्थित एक संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मूर्ति बनाने के लिए हमसे संपर्क किया था।राव के अनुसार पीएम मोदी की प्रतिमा को पूरा करने के लिए विभिन्न प्रकार की अपशिष्ट सामग्री का उपयोग किया गया और लगभग दो महीने तक 10 से 15 श्रमिकों ने दिन-रात काम किया था।

राव ने कहा कि हम एक दशक से अधिक समय से लोहे के स्क्रैप से मूर्तियां बना रहे हैं। हमने सिंगापुर, मलेशिया और हांगकांग जैसे देशों में अपनी लोहे की स्क्रैप मूर्तियों का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि हमने नरेंद्र मोदी जी की मूर्ति लोहे के स्क्रैप से बनाई है। इस काम को देखने वाले कई लोग हमारी सराहना कर रहे हैं।