पुलिस का बड़ा एक्शन, हिंसा और पथराव करने वाले किसान नेता निर्भय सिंह सहित 17 पर केस

 

मोगा पुलिस ने किरती किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष निर्भय सिंह डुढीके पर केस दर्ज किया है।
 वीरवार को मोगा में सुखबीर बादल की रैली में किसानों ने पत्थरबाजी करके डीएसपी सहित पांच लोगों को लहूलुहान कर दिया था। इसकी वायरल वीडियो खंगालने के बाद पुलिस ने किरती किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष निर्भय सिंह डुढीके सहित 17 लोगों पर एफआईआर दर्ज की है।

मोगा। सुखबीर बादल की रैली के विरोध के नाम पर पुलिस पर पथराव कर डीएसपी सहित पांच लोगों को लहूलुहान करने के मामले में वायरल वीडियो खंगालने के बाद पुलिस ने किरती किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष निर्भय सिंह डुढीके सहित 17 लोगों को केस में नामजद कर लिया है। पुलिस के सख्त रवैये के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए ज्यादातर प्रदर्शनकारियों ने मोगा में प्रदर्शन कुछ समय के लिए खत्म कर मुजफ्फरनगर के आंदोलन में भाग लेने की बात कहकर भूमिगत होना शुरू कर दिया है।

सख्ती न होती तो होते हालात खराब

वीरवार को पथराव शुरू होते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल आगे आया और लाठियां फटकारते हुए प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। पुलिस ने फिर भी प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया लेकिन कुछ युवाओं ने पुलिस को भद्दी गालियां देकर काफी देर तक उकसाया। इस बीच उन्होंने मंडी में खड़ी कारों में तोड़फोड़ शुरू कर दी तो लाठीचार्ज करना पड़ा। पुलिस सख्ती से नहीं निपटती तो मंडी में हालात बहुत ही खराब हो सकते थे। पथराव शुरू होने पर डीएसपी गुरदीप सिंह, सीआईए स्टाफ के इंस्पेक्टर त्रिलोचन सिंह, थाना सिटी-1 के प्रभारी इंस्पेक्टर गुरप्रीत सिंह ने दिलेरी दिखाते हुए महिला पुलिस मुलाजिमों को पीछे रख खुद अपनी जान जोखिम में डाल पथराव करने वालों को खदेड़ दिया। अगर इन लोगों ने दिलेरी न दिखाई होती तो महिला मुलाजिम भी घायल हो सकती थी। 

चमकौर सिंह कर रहा था प्रदर्शनकारियों की अगुआई

सीआईए स्टाफ बाघापुराना में तैनात इंस्पेक्टर तरलोचन सिंह ने दर्ज कराई एफआईआर में बताया कि सुखबीर बादल की रैली के दौरान करीब 200-250 लोगों की अगुआई चमकौर सिंह पुत्र अजमेर सिंह निवासी रोडे कर रहा था। इन लोगों ने दुन्नेके के निकट नेशनल हाईवे नंबर-95 जाम कर दिया था। नेशनल हाईवे से जाम हटवाया गया तो ये सभी ट्रैक्टर ट्रालियों व जीप पर सवार होकर नई दानामंडी के गेट पर आ गए। ये लोग जिद करने लगे कि वे सुखबीर सिंह बादल की रैली नहीं होने देंगे। इस दौरान डीएसपी जसविंदर सिंह व अन्य अधिकारी उन्हें समझाने की कोशिश करते रहे। अधिकारियों ने समझाया कि विरोध प्रदर्शन करना उनका संवैधानिक अधिकार है लेकिन शांतिप्रिय ढंग से करें, कानून हाथ में न लें। किसी को रैली करने से नहीं रोका जा सकता है। बाद में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को धमकाना शुरू कर दिया कि वे किसी कीमत पर रैली नहीं होने देंगे।

वाहनों की भी तोड़फोड़

पुलिस ने उन्हें रोका तो वे धमकी देते हुए ट्रैक्टर ट्रालियों व महिंद्रा जीप पर सवार होकर आगे बढ़ने लगे। पुलिस कर्मचारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की उन्होंने उन पर ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास। किसी तरह मुलाजिमों ने बचे तो प्रदर्शनकारियों ने पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। इससे डीएसपी सिक्योरिटी एंड ऑपरेशन गुरदीप सिंह तथा होमगार्ड के जवान अजायब सिंह के सिर पर चोट लगी। इसके अलावा कई पुलिस अफसर व कर्मचारी भी घायल भी घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कर्मियों व प्राइवेट वाहनों की तोड़फोड़ भी की। बड़ी मुश्किल से पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कंट्रोल करते हुए वहां से भगाया ।

इन पर हुआ मामला दर्ज

जांच अधिकारी इंस्पेक्टर गुरप्रीत सिंह के अनुसार बाघापुराना चमकौर सिंह निवासी रोडे, नौजवान भारत सभा की स्टेट कमेटी के सदस्य कर्मजीत सिंह निवासी मानूके, काली सिंह निवासी रोडे व निर्मल सिंह निवासी राजेआना किरती किसान यूनियन के कार्यकर्ता, किरती किसान यूनियन यूथ के जिलाध्यक्ष बलकार सिंह निवासी वैरोके, बीकेयू क्रांतिकारी यूथ विंग के महासचिव बलदेव सिंह निवासी जीरा, पीएसयू के जिलाअध्यक्ष मोहन सिंह निवासी रोडे, किरती किसान यूनियन के वर्कर जसपाल सिंह निवासी राजेआना, बीकेयू क्रांतिकारी के जिला प्रधान टहल सिंह निवासी झंडेआना सरकी, पलविंदर सिंह निवासी बघेले वाल,जतिंदर सिंह निवासी डरोली भाई, राजदीप सिंह निवासी मंगेवाला, मनदीप सिंह निवासी गज्जनवाला,कुलबीर सिंह निवासी जैमल वाला, रेशम सिंह निवासी मंगेवाला, लखबीर सिंह निवासी हरिए वाला (सभी किरती किसान यूनियन के वर्कर), किरती किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष निर्भय सिंह निवासी ढुडीके के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करते हुए उनकी तलाश में शुरू कर दी है।

भूमिगत हुए नामजद प्रदर्शनकारी

केस में नामजद ज्यादातर प्रदर्शनकारियों ने फिलहाल यूपी के मुजफ्फरनगर आंदोलन में शामिल होने का बहाना बनाकर भूमिगत होना शुरू कर दिया है। किरती किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष निर्भय सिंह डुढीके ने तो फेसबुक पर लाइव होकर मोगा की घटना की निंदा करते हुए कहा है कि अभी मोगा में उनका कोई कार्यक्रम नहीं होगा। वे मुजफ्फरनगर में हो रहे किसान आंदोलन में भाग लेने जा रहे हैं। पुलिस ने जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, उनके साथ संयुक्त रूप से लड़ाई लड़ेंगे।

मोगा को दिल्ली का सिंघू बार्डर बनाने की धमकी 

निर्भय सिंह डुढीके ने फेसबुक लाइव होकर सीधी धमकी दी कि मोगा में वे मुजफ्फरनगर से लौटकर मोगा में वैसा ही पक्का मोर्चा लगाएंगे जैसा दिल्ली के संघू बोर्डर पर लगा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि अकाली दल व कांग्रेस ने प्रदर्शनकारी किसानों पर हमला कराया है। उनके वाहन,ट्रैक्टर ट्रालियां तोड़े हैं।