असम में और छह महीने के लिए बढ़ाया गया अफस्पा, नवंबर 1990 में हुआ था लागू


राज्य सरकार द्वारा समीक्षा के बाद हर छह महीने पर इसे बढ़ाया जाता है अफस्पा

बयान में कहा गया है असम सरकार ने सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम 1958 की धारा तीन द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए पूरे असम राज्य को 28 अगस्त से छह महीने या इससे पहले वापस लिए जाने तक के लिए गड़बड़ी वाला क्षेत्र घोषित किया है।

गुवाहाटी, प्रेट्र। केंद्र सरकार ने असम में सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम (AFSPA) को 28 अगस्त से अगले छह महीने तक के लिए बढ़ा दिया है। असम में नवंबर 1990 में अफस्पा लगाया गया था और तभी से राज्य सरकार द्वारा समीक्षा के बाद हर छह महीने पर इसे बढ़ाया जाता है।

बयान में कहा गया है, 'असम सरकार ने सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम, 1958 की धारा तीन द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए पूरे असम राज्य को 28 अगस्त से छह महीने या इससे पहले वापस लिए जाने तक के लिए 'गड़बड़ी वाला क्षेत्र' घोषित किया है।'

अफस्पा बढाए जाने का नहीं बताया गया कोई कारण

बयान में राज्य में अफस्पा बढ़ाने का कोई कारण नहीं बताया गया है। पूर्वोत्तर में असम, नगालैंड, मणिपुर (इंफाल म्यूनिसिपल काउंसिल क्षेत्र को छोड़ कर), अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग, लोंगडिंग और तिरप जिले के अलावा असम सीमा से सटे राज्य के आठ पुलिस थाना क्षेत्रों में अफस्पा लागू है।

क्षेत्र में सिविल सोसायटी समूह एवं अधिकार कार्यकर्ता इस कानून को वापस लेने की मांग करते आ रहे हैं। अफस्पा के तहत सशस्त्र बलों को कहीं भी अभियान चलाने और बिना पूर्व वारंट के किसी को भी गिरफ्तार करने की शक्ति प्राप्त है।

सशस्त्र बलों को मिल जाता है शांति व्यवस्था बनाए रखने का जिम्मा

अशांत क्षेत्र घोषित किए जाने के बाद राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखने का जिम्मा सशस्त्र बलों को मिल जाता है। वहीं, AFSPA के तहत बल अशांत इलाकों में अपने विशेष अधिकारों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

नगालैंड में दशकों से लागू है अफस्पा

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में हत्या, लूट और फिरौती के मामलों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। नगालैंड में दशकों से अफ्सपा लागू है।