तालिबान कब्‍जे के 28 दिन बाद काबुल एयरपोर्ट पर पहली बार उतरा पाकिस्तान एयरलाइंस का विमान, फ्लाइट में सिर्फ 10 यात्री सवार


तालिबान कब्‍जे के बाद काबुल एयपोर्ट पर पहली बार उतरे पाकिस्तान एयरलाइंस के विमान।
अफगानिस्तान में तालिबानी कब्जे के करीब एक महीने बाद काबुल अंतरराष्‍ट्रीय एयरपोर्ट पर पहली कमर्शियल फ्लाइट लैंड हुई है। बता दें कि 15 अगस्त 2021 को अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद तालिबान ने पूरे अफगानिस्तान पर कब्जे का एलान किया था।

काबुल, एजेंसी। अफगानिस्तान में तालिबानी कब्जे के करीब एक महीने बाद काबुल अंतरराष्‍ट्रीय एयरपोर्ट पर पहली कमर्शियल फ्लाइट लैंड हुई है। बता दें कि 15 अगस्त, 2021 को अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद तालिबान ने पूरे अफगानिस्तान पर कब्जे का एलान किया था। पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) का एक प्लेन सोमवार को हामिद करजई (काबुल) अंतरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचा। हालांकि, इस फ्लाइट में सिर्फ 10 ही यात्री सवार थे। इसमें यात्रियों से ज्यादा स्टाफ की संख्या थी।

इन देशों ने एयरपोर्ट के संचालन में मदद की

कुछ दिन पूर्व तालिबान प्रवक्‍ता ने बताया था कि तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात और कतर से तकनीकी दल और विशेषज्ञ हवाई अड्डे से संचालन शुरू करने के लिए अफगानिस्तान की मदद रहे हैं। एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानें जल्द ही फिर से शुरू सकेंगी। उन्होंने कहा था कि एयरपोर्ट जल्द ही संचालन के लिए तैयार हो जाएगा। प्रवक्‍ता ने कहा था कि दुर्भाग्‍य से अमेरिकी सैनिकों ने एयरपोर्ट के कुछ हिस्सों को क्षतिग्रस्त कर दिया है और अब कतर और यूएई के समर्थन से उनकी मरम्मत की जा रही है। काबुल एयरपोर्ट बहुत जल्द लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।

काबुल एयरपोर्ट 31 अगस्त तक अमेरिकी सैनिकों के नियंत्रण में

गौरतलब है कि 15 अगस्त तक पूरे अफगानिस्तान में कब्जे के बाद भी काबुल एयरपोर्ट 31 अगस्त तक अमेरिकी सैनिकों के नियंत्रण में रहा। यहां से एक लाख से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू कर अलग-अलग देशों में भेजा गया। आपरेशन के दौरान एयरपोर्ट पर लाखों लोग मौजूद थे। रेस्क्यू आपरेशन समाप्‍त होने के बाद हवाई अड्डे का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। इसको कतर और दूसरे देशों की मदद से तालिबान ने रिपेयर किया है। गत सप्ताह कतर एयरवेज के कई चार्टर प्लेन काबुल एयरपोर्ट पहुंचे थे। इन प्लेन्स से उन लोगों को अफगानिस्तान से निकाला गया था, जो रेस्क्यू आपरेशन के दौरान छूट गए थे। उधर, पीआइए के प्रवक्ता ने बताया कि पाकिस्तान की सरकारी एयरलाइन अफगानिस्तान के लिए नियमित कमर्शियल फ्लाइट शुरू करने की इच्‍छुक है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि इस्लामाबाद से काबुल के बीच एक हफ्ते में कितनी उड़ानें संचालित होंगी।

 इसके पूर्व चार सितंबर को अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की पूर्ण वापसी के बाद पहली बार खाद्य आपूर्ति से लदा संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का एक विमान काबुल एयरपोर्ट पर उतरा था। यह 31 अगस्त के बाद अफगानिस्तान के एयरपोर्ट पर उतरने वाला पहला विदेशी विमान था। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद इस बात की पुष्टि की थी कि संयुक्त अरब अमीरात का एक विशाल विमान 60 टन भोजन लेकर आज काबुल एयरपोर्ट पर उतरा था। बता दे कि 15 अगस्त को तालिबान द्वारा काबुल पर कब्जा किए जाने के बाद से यह एयरपोर्ट घरेलू उड़ानों के लिए पूरी तरह से बंद था। अमेरिकी नेतृत्व वाली अंतिम निकासी उड़ान की रवानगी के बाद तालिबान बलों ने 31 अगस्त को हवाई अड्डे पर नियंत्रण कर लिया।