राष्ट्रपति ने 44 शिक्षकों को किया सम्मानित, कहा- विद्यार्थियों में अध्ययन के प्रति रुचि जागरुक करें

 

वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए हुआ कार्यक्रम का आयोजन
शिक्षक दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा शिक्षकों का कर्त्तव्य है कि वे अपने विद्यार्थियों में अध्ययन के प्रति रुचि जागृत करें। संवेदनशील शिक्षक अपने व्यवहार आचरण व शिक्षण से विद्यार्थियों का भविष्य संवार सकते हैं।

नई दिल्ली, एएनआइ। राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द  ने शिक्षक दिवस  के खास मौके पर 44 शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार से  सम्मानित किया। इस कार्यक्रम का आयोजन वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए किया गया था।

शिक्षक दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा, शिक्षकों का कर्त्तव्य है कि वे अपने विद्यार्थियों में अध्ययन के प्रति रुचि जागृत करें। संवेदनशील शिक्षक अपने व्यवहार, आचरण व शिक्षण से विद्यार्थियों का भविष्य संवार सकते हैं।शिक्षकों का कर्त्तव्य है कि वे अपने विद्यार्थियों में अध्ययन के प्रति रुचि जागृत करें। संवेदनशील शिक्षक अपने व्यवहार, आचरण व शिक्षण से विद्यार्थियों का भविष्य संवार सकते हैं।

उन्होंने कहा, हमारी शिक्षा-व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिससे विद्यार्थियों में संवैधानिक मूल्यों तथा नागरिकों के मूल कर्तव्यों के प्रति निष्ठा उत्पन्न हो, देश के प्रति प्रेम की भावना मजबूत बने तथा बदलते वैश्विक परिदृश्य में वे अपनी भूमिका के बारे में सचेत रहें।

पीएम मोदी ने दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षक दिवस पर शिक्षकों को बधाई दी। बता दें कि एक दार्शनिक-लेखक और भारत के दूसरे राष्ट्रपति डा एस राधाकृष्णन की याद में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। 5 सितंबर, 1888 को उनका जन्म हुआ था। शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान अनुकरणीय है। 1962 में राधाकृष्णन और सभी शिक्षकों के सम्मान में शिक्षक दिवस मनाने की परंपरा शुरू हुई थी।