9/11 आतंकी हमला : अमेरिका को आर्थिक तौर पर झकझोर दिया था इस हमले ने, इंश्योरेंस इंडस्ट्री को हुआ था इतना नुकसान

 


अगर महंगे इंश्योरेंस के हर्जानों की बात करें तो इस श्रेणी में 2005 में आया कैटरीना तूफान आता है।

मैन-मेड डिजास्टर की कैटेगरी में आए इस हमले में 25 बिलियन डॉलर के इंश्योरेंस की क्षति हुई थी। अगर दुनिया के बड़े हादसों की बात करें तो यह आठवां सबसे महंगा इंश्योरेंस का हर्जाना है। लेकिन शीर्ष 10 महंगे हर्जानों में शेष नौ नेचुरल डिजास्टर है।

नई दिल्ली। 11 सितंबर, 2001 को अमेरिका पर हुए आतंकी हमले ने एक तरफ पूरी दुनिया को आतंक का कुत्सित चेहरा दिखाया था तो दूसरी तरफ विश्व की महाशक्ति कहे जाने वाले अमेरिका को आर्थिक तौर पर झकझोर कर रख दिया था। इस हमले में अमेरिका ने अपने मासूम नागरिकों और विभिन्न सेवाओं में काम करने वाले कर्मचारियों को खोया था। वहीं इंश्योरेंस इंडस्ट्री के लिए यह बेहद नुकसानदायक साबित हुआ था।

इंश्योरेंस इंफॉर्मेशन इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के अनुसार मैन-मेड डिजास्टर की कैटेगरी में आए इस हमले में 25 बिलियन डॉलर के इंश्योरेंस की क्षति हुई थी। अगर दुनिया के बड़े हादसों की बात करें तो यह आठवां सबसे महंगा इंश्योरेंस का हर्जाना है। लेकिन यहां पर यह बात ध्यान रखने की है शीर्ष 10 महंगे हर्जानों में शेष नौ नेचुरल डिजास्टर है।

इतने महंगे हर्जाने

अगर महंगे इंश्योरेंस के हर्जानों की बात करें तो इस श्रेणी में 2005 में आया कैटरीना तूफान आता है। इससे करीब 60 बिलियन डॉलर के इंश्योरेंस का नुकसान हुआ था। वहीं जापान में आए सुनामी तूफान से 40 बिलियन अमेरिकी डॉलर का घाटा हुआ था। 2017 में आए तीन तूफानों से उत्तरी अमेरिका, अमेरिका और उत्तरी अमेरिका में क्रमश : 32 बिलियन अमेरिकी डॉलर, 30 बिलियन अमेरिकी डॉलर और 30 बिलियन अमेरिकी डॉलर का इंश्योरेंस लॉस हुआ था।आतंकी संगठन अलकायदा ने चार अमेरिकी विमानों का अपहरण कर दो विमान वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के ट्विन टावर से टकराए, तीसरा विमान वॉशिंगटन डीसी के बाहर पेंटागन और चौथा विमान पेंसिलवेनिया के खेतों में गिराया।

हजारों ने गंवाई जान

9/11 हादसे में तीन हजार से अधिक लोगों ने जान गंवाई। इनमें करीब चार सौ पुलिसकर्मी और अग्निशमन दस्ते के सुरक्षाकर्मी भी शामिल थे। हमले में मारे गए 372 दुनिया के अलग- अलग देशों के लोग थे, जिनमें विमान अपहर्ताओं के अलावा 77 देशों के नागरिक भी शामिल थे। इन हमलों में लगभग 3,000 शिकार तथा 19 अपहरणकर्ता मारे गए। न्यूयॉर्क राज्य स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जून, 2009 तक अग्निशामकों एवं पुलिस कर्मियों सहित, 836 आपातसेवक मारे जा चुके हैं। वर्ल्ड ट्रेड सेन्टर पर हुए हमले में मारे गए 2,752 पीड़ितों में से न्यूयॉर्क शहर तथा पोर्ट अथॉरिटी के 343 अग्निशामक और 60 पुलिस अधिकारी थे। पेंटागन पर हुए हमले में 184 लोग मारे गए थे। हताहतों में 70 देशों के नागरिकों सहित नागरिकों की भारी संख्या थी।