हिमाचल-उत्तराखंड में भूस्खलन तो यूपी-हरियाणा में नदियों का बढ़ा जलस्तर, बाढ़ ने मचाई तबाही

 

हिमाचल-उत्तराखंड में भूस्खलन तो यूपी-हरियाणा में नदियों का बढ़ा जलस्तर, बाढ़ ने मचाई तबाही

 भारी बारिश के चलते लगातार नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मुसलाधार बारिश के चलते आई बाढ़ ने देश की राज्यों को बुरी तरह प्रभावित किया है। जानें सभी ताजा अपडेट।

नई दिल्ली, भारी बारिश का दौर सितंबर के महीने भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। यही वजह है कि लगातार नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मूसलाधार बारिश के चलते आई बाढ़ ने देश के कई राज्यों को बुरी तरह प्रभावित किया है। आए दिन किसी ना किसी राज्य से जलभराव या फिर रोड़ जाम और भूस्खलन की खबरें आती रहती है। अभी हिमाचल और उत्तराखंड से भूस्लखन की खबर सामने आई है। वहीं यूपी-बिहार के कई जिलों में लगातार बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। तो चलिए जानते हैं कि के देश किन- किन राज्य में भारी बारिश से कितनी तबाही मची है।

उत्तराखंड में स्थित बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग आज सुबह भूस्खलन के बाद चमोली जिले में सैलंग और जोशीमठ के बीच अवरुद्ध हो गया है। बता दें कि यहां से आए दिन भूस्खलन की खबरें आती रहती है। पिछले दिनों इस राज्य में भारी-बारिश के चलते कई रास्ते बाधित हुए थे। इतना ही नहीं इस दौरान बादल फटने की खबरें भी आई। ऐसे में कई लोगों की जान भी गई है।

बात अगर हिमाचल की करें तो यहां पर भारी बारिश का असर देखा जा सकता है। यहां पर होमगार्ड आफिस (यूएस क्लब) शिमला के पास बीती रात करीब 10:15 बजे भूस्खलन हुआ है। भूस्खलन के कारण सड़क जाम हो गई है। हालांकि, अभी तक किसी भी प्रकार के मानव नुकसान की सूचना नहीं है। बहाली का काम प्रक्रियाधीन है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र ने इसकी जानकारी दी है।

उधर, बिहार के मुजफ्फरपुर में बाढ़ राहत और कोरोना मदद के लिए सरकार से छह करोड़ मांगे गए है। विभिन्न अंचलों से मांग के आधार पर आपदा प्रबंधन प्रशाखा ने विभाग को पत्र भेजा है। इसमें बाढ़ मद में पांच करोड़ 44 लाख एवं कोरोना मदद में एक करोड़ पांच लाख रुपये की मांग की गई है। बाढ़ राहत मद में आठ अंचलों ने राशि की मांग की है।अमरोहा में तिगरी गंगा का जलस्तर बढ़ा

उत्तर प्रदेश में स्थित मुरादाबाद के अमरोहा में तिगरी गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी होने का क्रम जारी है। गुरुवार को बिजनौर बैराज से 72877 क्यूसेक पानी छोड़ने के बाद गंगा का जलस्तर बढ़कर 200.10 सेमी हो गया है। गंगा किनारे के खेतों व गांव में फिर से पानी पहुंचने लगा है। इससे ग्रामीणों के सामने परेशानी आने लगी है।

हारियाणा के मारकंडा नदी का पानी बढ़ा

हरियाणा में भारी बारिश के कारण मारकंडा नदी में एक साथ पानी बढ़ गया है। इसमें करीब 12 हजार क्यूसिक पानी है। एक साथ पानी आने से इसके आसपास के 20 गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कई गांवों में तो पानी पहुंच गया है।