दिल्ली के रिठाला नाला रोड के आसपास बने मकानों पर मंडरा रहा खतरा, जानिए परेशानी की वजह


रिठाला नाला रोड का निर्माण वर्ष 2020 के फरवरी माह में कराया गया था।

रोड बनने के बाद लोगों को आवागमन की सुविधा सुलभ हुई थी लेकिन लाखों की लागत से बनी यह सड़क कई जगहों पर धंस गई है। सड़क में कई जगहों पर दरारें भी आ गई। इसके चलते आसपास के मकानों पर भी खतरा मंडराने लगा है।

नई दिल्ली,  संवाददाता। उत्तरी दिल्ली नगर निगम के रोहिणी जोन के पूर्व चेयरमैन व विजय विहार वार्ड के पार्षद मनीष चौधरी ने रिठाला नाला रोड के निर्माण कार्य में बरती गई अनियमितता की जांच की मांग की है। इसके लिए उन्होंने उपराज्यपाल को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि रिठाला नाला रोड का निर्माण वर्ष 2020 के फरवरी माह में कराया गया था।

कई जगहों पर से धंसी सड़क

रोड बनने के बाद लोगों को आवागमन की सुविधा सुलभ हुई थी, लेकिन लाखों की लागत से बनी यह सड़क कई जगहों पर धंस गई है। सड़क में कई जगहों पर दरारें भी आ गई। इसके चलते आसपास के मकानों पर भी खतरा मंडराने लगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क के निर्माण में मानकों का पालन नहीं किया गया है। इसके निर्माण में ठेकेदार ने घटिया सामग्रियों का इस्तेमाल किया है। इसके चलते सड़क की ऐसी स्थिति हुई है। ऐसे में ठेकेदार समेत संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि रोड धंसने की सूचना मिलने पर वह खुद मौके पर गए और मुआयना किया। चूंकि सड़क धंसने के कारण आवागमन के क्रम में हादसे की आशंका है। ऐसे में उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बात की और लोगों की सुरक्षा को भी सुनिश्चित कराया है।

जनकपुरी इलाके में नहीं होगी पार्किंग की दिक्कत

इधर, पूर्व महापौर नरेंद्र चावला ने कहा कि जनकपुरी इलाके में पार्किंग की समस्या को दूर करने के लिए काफी समय से प्रयास किया जा रहा है। इस दिशा में चार जगहों पर जमीन की पहचान की गई थी। इसमें से एक जगह के लिए अप्रूवल मिल गया है और वहां पर जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। आशा है कि आनेवाले समय में इलाके में पार्किंग की समस्या का लोगों को सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जनकपुरी इलाके में डिस्टिक्ट सेंटर, बी ब्लाक जनकपुरी, छोटी सब्जी मंडी व जनक सिनेमा के पास निगम की ओर से जगह की पहचान की गई थी। इसमें बी ब्लाक वाली जगह पर पार्किंग बनाने का अप्रूवल मिल गया है। इसके साथ ही जनकपुरी डिस्टिक्ट सेंटर में जगह के लिए डीडीए से बात की जा रही है। आशा है कि अगले महीने तक इस पर कोई-न-कोई फैसला हो जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्किंग की समस्या को दूर किया जाएगा।