अब शिरोमणि अकाली दल कृषि कानून के विरोध में गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब से संसद भवन तक करेगा मार्च, जानिए अन्य डिटेल


17 सितंबर को अकाली दल दिल्ली में गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब से संसद तक करेगा रोष मार्च।
पार्टी नेताओं ने कहा कि कांग्रेस सरकारी कार्यक्रमों के बहाने लोगों तक जाने के लिए मौका नहीं छोड़ रही है। राजनीतिक पाबंदी केवल अकाली दल पर लगाने का क्या औचित्य है। हमें उस दिन रैली नहीं करनी चाहिए जिस दिन संयुक्त किसान मोर्चा अपने किसी विशेष कार्यक्रम की घोषणा करेगा।

नई दिल्ली/ चंडीगढ़, संवाददाता। तीन कृषि सुधार कानून पास हुए इसी महीने एक साल पूरा होने पर शिरोमणि अकाली दल ने इस दिन को काले दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया है। पार्टी की ओर से कानूनों के विरोध में 17 सितंबर को दिल्ली में गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब से एक रोष मार्च निकाला जाएगा, जो संसद भवन तक जाएगा। यह फैसला शनिवार को बुलाई गई पार्टी नेताओं की बैठक में लिया गया। रोष मार्च की पुष्टि करते हुए पार्टी के मुख्य प्रवक्ता डा. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि सुखबीर बादल ने सभी कार्यकर्ताओं को 17 सितंबर को बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचने के लिए कहा है।

दरअसल, शुक्रवार को किसान संगठनों की ओर से राजनीतिक पार्टियों को रैलियां न करने के लिए कहा गया था। इसके बाद शनिवार को शिअद पार्टी मुख्यालय में अपने जिला अध्यक्षों और हलका प्रभारियों की बैठक बुलाई थी। मगर बैठक में यह फैसला नहीं लिया जा सका कि पार्टी 'गल्ल पंजाब दी' मुहिम को जारी रखेगी या इसे स्थगित कर दिया जाए। हालांकि सुखबीर बादल ने अपने अगले दो दिन के कार्यक्रम को टाल दिया है। बैठक के दौरान पार्टी अध्यक्ष सुखबीर बादल ने पार्टी नेताओं के विचार जानने की कोशिश की।

ज्यादातर नेताओं ने कहा कि किसानों की संवेदना की कद्र करते हुए हमें राजनीतिक रैलियां करने का विचार त्याग कर तीनों कृषि सुधार कानूनों को रद करवाने व केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए किसानों का सहयोग करना चाहिए। हालांकि कुछ जिलों के अध्यक्षों ने कहा कि राजनीतिक रैलियां जारी रखी जानी चाहिएं, क्योंकि चुनाव में अब ज्यादा समय नहीं बचा है।

बैठक के दौरान पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकारी कार्यक्रमों के बहाने लोगों तक जाने के लिए कोई मौका नहीं छोड़ रही है। राजनीतिक पाबंदी केवल अकाली दल पर लगाने का क्या औचित्य है। हमें उस दिन रैली नहीं करनी चाहिए, जिस दिन संयुक्त किसान मोर्चा अपने किसी विशेष कार्यक्रम की घोषणा करेगा। हम अपने काडर को दिल्ली सीमा पर भेजकर किसान संघर्ष को समर्थन देने के लिए तैयार हैं।