ज्यादा वसा वाले दुग्ध उत्पादों के सेवन से नहीं होता हृदय रोग का खतरा, नए शोध में आया सामने

 

स्वीडन में चार हजार वयस्कों में डेरी उत्पादों के उपभोग का अध्ययन किया गया

 जार्ज इंस्टीट्यूट फार ग्लोबल हेल्थ के डा. मेटी मार्कड ने बताया कि जिस तरह से डेरी उत्पादों का प्रयोग दुनिया में बढ़ रहा है उस स्थिति में यह समझना जरूरी है कि उसका हमारे शरीर पर किस तरह से प्रभाव पड़ता है।

सिडनी, एएनआइ। ज्यादा वसा (फैट) वाले दुग्ध उत्पादों का उपभोग करने से हृदय रोग का खतरा नहीं होता है। नए अध्ययन में पाया गया कि जो लोग कम वसा (फैट) वाले दुग्ध उत्पादों का सेवन करते हैं, उनमें ज्यादा वसा वाले दुग्ध उत्पादों का प्रयोग करने वालों से हृदय रोग (Heart Disease) का खतरा ज्यादा मिला।

यह अध्ययन जर्नल पीएलओएस मेडिसिन में प्रकाशित हुआ है। अध्ययनकर्ताओं का मानना है कि अधिक वसा वाले दुग्ध उत्पादों का उपभोग करने से हृदय रोग के कारण होने वाली मौतों के बीच कोई संबंध नहीं है।

अध्ययनकर्ताओं ने परिणामों तक पहुंचने के लिए स्वीडन (Sweden) में चार हजार वयस्कों में डेरी उत्पादों के उपभोग का अध्ययन किया। इसी तरह का अध्ययन 17 अन्य देशों में भी किया गया। द जार्ज इंस्टीट्यूट फार ग्लोबल हेल्थ के डा. मेटी मार्कड ने बताया कि जिस तरह से डेरी उत्पादों का प्रयोग दुनिया में बढ़ रहा है, उस स्थिति में यह समझना जरूरी है कि उसका हमारे शरीर पर किस तरह से प्रभाव पड़ता है।डा. मेटी ने बताया कि हमने अध्ययन में डेरी उत्पादों के वसा की खून में मात्रा और उसके प्रभाव का अध्ययन किया है। अध्ययन में पाया गया कि जो लोग अधिक वसा वाले दुग्ध उत्पादों का सेवन कर रहे हैं, उनमें हृदय रोग के खतरे कम मिले। जो कम वसा वाले दुग्ध उत्पाद ले रहे थे, उनमें तुलनात्मक रूप से ज्यादा खतरे देखे गए।

अध्ययन करने वाली टीम के डा. कैथी ट्रीउ ने बताया कि दुग्ध उत्पाद के वसा को कम करना या दूध से बने उत्पादों का उपभोग न करना हृदय को स्वस्थ रखने का अच्छा विकल्प नहीं हो सकता है।