गुजरात की राजनीति के अजातशत्रु भूपेंद्र पटेल होंगे राज्य के नए मुख्यमंत्री, आज लेंगे शपथ

 

गुजरात का ताज एक नए चेहरे भूपेंद्र पटेल के सिर पर रख दिया।
भाजपा आलाकमान ने फिर सबको चौंकाते हुए गुजरात का ताज एक नए चेहरे भूपेंद्र पटेल के सिर पर रख दिया। सरल स्वभाव भूपेंद्र पटेल (59) को प्रदेश की राजनीति में अजातशत्रु के रूप में देखा जाता है। दो दिनों तक चली चर्चा में उनका दूर तक कहीं नाम नहीं था।

 अहमदाबाद, राज्य ब्यूरो। भाजपा आलाकमान ने एक बार फिर सबको चौंकाते हुए गुजरात का ताज एक नए चेहरे भूपेंद्र पटेल के सिर पर रख दिया। सरल स्वभाव व मिलनसार भूपेंद्र पटेल (59) को प्रदेश की राजनीति में अजातशत्रु के रूप में देखा जाता है। नए सीएम को लेकर दो दिनों तक चली चर्चा में उनका दूर तक कहीं नाम नहीं था। पहली बार विधायक बने पटेल को सोमवार दोपहर करीब दो बजे राजभवन में गुजरात के 17वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई जाएगी। रविवार को गुजरात भाजपा विधायक दल की बैठक में भूपेंद्र पटेल का चयन सर्वसम्मति से किया गया। बैठक में भाजपा के सभी 103 विधायक मौजूद रहे।

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सोमवार को केवल मुख्यमंत्री शपथ लेंगे। मंत्रिमंडल के सदस्यों को दो दिन बाद शपथ दिलाई जाएगी। पांच साल बाद एक बार फिर गुजरात की कमान पाटीदार नेता के हाथ में आई है। निवर्तमान मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल, प्रभारी एवं केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, केंद्रीय मंत्री एवं पर्यवेक्षक नरेंद्र सिंह तोमर, प्रल्हाद जोशी सहित अन्य नेताओं के साथ पटेल रविवार शाम को ही राजभवन पहुंचे और सरकार बनाने का दावा पेश किया।

एक दर्जन से अधिक नेताओं के नाम सीएम के लिए आए

गांधीनगर में प्रदेश भाजपा कार्यालय श्रीकमलम पर रविवार को दिन भर गहमागहमी रही। गुजरात के अगले मुख्यमंत्री के नाम को लेकर हर वर्ग में उत्सुकता थी। बीते दो दिनों से एक दर्जन से अधिक नेताओं के नाम मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री पद के लिए चल रहे थे। लेकिन तमाम अटकलों को खारिज करते हुए भाजपा विधायक दल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की सहमति से भूपेंद्र पटेल के नाम पर मुहर लगा दी।

आसान नहीं था नए मुख्यमंत्री का चयन

भाजपा के लिए नए मुख्यमंत्री का चुनाव काफी टेढ़ी खीर माना जा रहा था। एक ओर पाटीदार इस पद पर अपना दावा जता रहे थे, वहीं ओबीसी, आदिवासी तथा अनुसूचित जाति के नेताओं की भी दावेदारी थी। केंद्रीय पर्यवेक्षक नरेंद्र सिंह तोमर व प्रल्हाद जोशी ने रविवार सुबह सबसे पहले प्रदेश भाजपा की कोर कमेटी के सदस्यों से नए नेता को लेकर चर्चा की। विधायक दल की बैठक में विजय रूपाणी ने भूपेंद्र पटेल के नाम का प्रस्ताव रखा।

नितिन पटेल एक बार फिर दौड़ में पिछड़े

नितिन पटेल एक बार फिर मुख्यमंत्री की दौड़ में पिछड़ गए। 2016 में भी विजय रूपाणी को चुने जाने से पहले इस पद के लिए उनका नाम चला था। रविवार दोपहर तक नितिन पटेल को राज्य के अगले मुख्यमंत्री के रूप में देखा जा रहा था। राजनीतिक गलियारों में ओबीसी, आदिवासी व अनुसूचित जाति में से किसी भी दो समुदाय के उपमुख्यमंत्री बनाने की अटकलें थीं। लेकिन भाजपा ने भूपेंद्र पटेल का चयन कर उनकी ताजपोशी का फैसला किया।

कुशल प्रशासक हैं भूपेंद्र

भूपेंद्र पटेल की छवि एक कुशल प्रशासक की है। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया है। व्यवसाय से बिल्डर हैं तथा कई सामाजिक संस्थाओं से जुडे़ हैं। -उन्होंने 2017 में पहला विधानसभा चुनाव लड़ा तथा एक लाख, 17 हजार मतों से जीता। यह चुनाव उन्होंने आनंदीबेन पटेल की परंपरागत सीट घाटलोडिया से लड़ा।

-2015-17 तक पटेल अहमदाबाद शहरी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष थे। 2010-15 के बीच वे अहमदाबाद नगर निगम की स्थायी समिति के अध्यक्ष थे।

-विधानसभा चुनाव लड़ने से पहले पटेल स्थानीय राजनीति में सक्रिय थे। अहमदाबाद जिले के मेमनगर नगरपालिका के वे दो बार अध्यक्ष रह चुके हैं।

भूपेंद्र पटेल को गुजरात विधायक दल का नेता चुने जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामना। मुझे विश्वास है कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन व पटेल के नेतृत्व में प्रदेश की अनवरत विकास यात्रा को नई ऊर्जा व गति मिलेगी।

अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा आदि नेताओं का आभार। मुझ पर जो विश्वास जताया गया है, उसे टूटने नहीं दूंगा। गुजरात की विकास यात्रा को आगे बढ़ाना ही मेरी प्राथमिकता होगी।

भूपेंद्र पटेल, गुजरात के मनोनीत मुख्यमंत्री