नंद के आनंद भये, जय दाऊदयाल की, बलदेव में मना बलदाऊ का जन्‍मोत्‍सव

 

बलदाऊ के जन्‍मदिन पर बल्‍देव के मंदिर में नृत्‍य करते युवा।
दधिकोत्सव में प्रसाद पाने को मचले श्रद्धालु। नारियल मेवे खिलौने और वस्त्र लुटाए गए उपहारस्‍वरूप। जगमोहन में चला समाज गायन और युवाओं के नृत्य का दौर बजी बधाई उपहार लूटने को मची होड़ हीरा पन्ना से किया गया श्रृंगार।

आगरा। ठाकुर श्री दाऊजी महाराज के जन्मोत्सव पर रविवार को बलदेव में श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। भक्ति रस की फुहारें ब्रह्म मुहूर्त से ही भक्तों के तन मन को भिगोने लगीं। श्रद्धा का समंदर छलक उठा और श्रद्धालुओं ने उसमें खूब गोते लगाए। नंद के आनंद भये जय दाऊ दयाल की...रोहिणी ने जायो लल्ला... ब्रज में जन्मे बलदेव कुमार के गायन के साथ भगवान कृष्ण के बड़े भाई बलदाऊ जी का जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया। भक्तों ने बलदेव महाराज और रेवती मैया के दर्शन का पुण्य लाभ कमाया।

शेषावतार दाऊजी महाराज के जन्मोत्सव पर रविवार सुबह से ही बलदेव में वातावरण भक्तिमय हो गया। फूलों की खुशबू से महकती मंदिर परिसर में तिल भर जगह नहीं थी। इसके पश्चात दधिलीला महोत्सव हुआ। जिसमें नारियल फल लड्डू के साथ हल्दी, केसर, मिश्री प्रसाद श्रद्धालुओं पर लुटाया जा रहा था। भक्तों ने मल्लविद्या के गुरु भक्त बलदेव के समक्ष कुश्ती के दांव पेच दिखा, प्रभु को दंडवत प्रणाम किया। इससे पूर्व दाऊजी महाराज का मंत्रोच्चारण से पंचामृत अभिषेक कराया गया। हीरे जवाहरात धारण कराए गए। भक्तों ने माखन मिश्री लड्डुओं का भोग लगाकर मनौती मांगी। शोभायात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं का मनमोह लिया।

क्षीर सागर में प्रवाहित की मोहर

परंपरा के अनुसार शादी में प्रयोग होने वाली दूल्हा दुल्हन की मोहर बलदाऊ के जन्मोत्सव पर क्षीर सागर में प्रवाहित की जाती है। इस परंपरा को निभाने को आसपास के जिलों से लोग आए।

मंदिर की छत से लिया आनंद

बलदेव छठ पर उमड़े जनसैलाब के कारण मंदिर परिसर में पैर रखने का स्थान नहीं बचा। गर्मी और उमस भी श्रद्धालुओं के उत्साह को कम नहीं कर पाई। ऐसे में कार्यक्रम का आनंद लेने के लिए श्रद्धालु मंदिर की छत पर पहुंच गए।